सामिया लतीफ ने लिखा कि विधायक इमरान पीएम मोदी या अमित शाह से क्यों नहीं मिले। लतीफ़ का इशारा था कि पीएम मोदी और एचएम शाह को भी कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए। वो चाहती हैं कि कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज मोदी-शाह से मिले।
“भारत के प्रधान मंत्री और गृह मंत्री सहित भारत सरकार की सर्वोच्च आनुषंगिक संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ संदेश फैलाने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके नाम- मोहम्मद इलियास और अब्दुल बशीर हैं। दोनों मिकाल्टो बिसाया फेसबुक पेज से जुड़े हुए थे।”
वो ऐसा कर के न सिर्फ़ ज़रूरतमंदों का हक़ मार रहे हैं बल्कि संवेदनहीनता का परिचय भी दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं ऐसे लोगों की, जो अपने घर में पर्याप्त राशन होते हुए भी प्रशासन के सामने झूठ बोल कर फायदा उठाना चाहते हैं।
भारत में कोरोना से लड़ने के लिए सरकार द्वारा 1 लाख से अधिक Beds की व्यवस्था की जा चुकी है। इतना ही नहीं, 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं, जो सिर्फ कोविड के इलाज के लिए काम कर रहे हैं।
केजरीवाल ने बताया कि आज भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से बाकी देशों से काफ़ी अच्छी है। उन्होंने बताया कि ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि भारत सरकार ने समय रहते लॉकडाउन का निर्णय लिया।
फार्मा सेक्टर दवाइयों और वैक्सीन से दुनिया की सेवा कर रहा है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कॉर्पोरेट सिर्फ और सिर्फ पैसा देखता है। COVID-19 दुनिया के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन यही चुनौती फार्मा जगत के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।
आज विपक्षी नेताओं के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह मुश्किल प्रतीत हो रहा है कि लॉकडाउन को जल्द ही खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कोरोना वायरस से पहले और उसके बाद का जीवन बिल्कुल भी एक सा नहीं रहेगा। कई सामाजिक, व्यवहारिक, व्यक्तिगत बदलाव होंगे।
भारत द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद डोनॉल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करके मदद माँगी थी ताकि वे अमेरिका अपने देश में कोरोनोवायरस रोगियों की बढ़ती संख्या के इलाज के लिए 'हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन' की गोलियों की बिक्री की अनुमति दे सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- "समानो मंत्र: समिति: समानी। समानम् मनः सह चित्तम् एषाम्।" इसका अर्थ है कि हमारे विचार, हमारे संकल्प और हमारे हृदय एकजुट होने चाहिए। उन्होंने '9 बजे 9 मिनट' के तहत रविवार की रात लोगों द्वारा दिए और कैंडल जलाने की बात करते हुए इसे सफल बताया।
अमेरिका कोरोना वायरस संक्रमण से हो रही मौतों के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। वहॉं अब 3 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 8,452 लोगों की जान भी जा चुकी है।