काशी की खास पहचान कल-कल बहती गंगा की मौज तो वही है, बस किनारे पर हलचल थम सी गई है। आज सुबह से ही गंगा में अठखेलियाँ करती नौकाएँ किनारे पर बँधी नजर आईं और कोरोना अलर्ट की वजह से मंदिरों, मठों तक में माहौल बेहद शांत है और गतिविधियाँ काफी सीमित रहीं।
ये वह समाज है जिससे मोदी कह दें कि विष्ठा मलद्वार से करनी चाहिए तो वह अपने मुख से करने लगेगा। इनका ऑक्सीजन भी मोदी-विरोध है। इनका गड़बड़ाया पाचन तंत्र भी मोदी को गाली देकर दुरुस्त होता है। इस समाज के गाँजा और सेक्स लाइफ का एक्स फैक्टर है मोदी विरोध।
तमाम अपीलों के बावजूद भी गोरखपुर में जुमे की नमाज के लिए आज कई जगह सैंकड़ों की भीड़ देखी गई। आम दिनों की तरह ही घंटाघर और कलेक्ट्रेट में दोपहर से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
शशि थरूर ने कोरोना महामारी के बीच भी नेहरू भक्ति में कोई ढील नहीं दी और फ़ौरन ट्विटर के माध्यम से नेहरू की भक्ति में एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा- "बिना किसी कमेन्ट के, रीसीव किया और साझा किया।"
आरके मिश्रा ने बताया कि किस तरह से न्यू जर्सी से दिल्ली लौटे एक व्यक्ति ने देखा कि वहाँ एयरपोर्ट पर जाँच की पूरी सुविधा थी और ऐरोप्लेन के दरवाजे पर ही सारे यात्रियों का सिलसिलेवार तरीके से चेकअप किया जा रहा था। इस ट्वीट का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि उनकी सरकार लगातार प्रयासरत है कि सभी स्वस्थ रहें और जिनमें जरा भी इस वायरस के लक्षण दिखें, उनका तुरंत इलाज हो।
"हमें अल्लाह का खौफ है और किसी का खौफ नहीं। हम हाथ भी खूब मिला रहे हैं और आपस में मिलकर बैठ रहे। नमाज पढ़ते हैं। हमें अल्लाह पर भरोसा है। हमें कुछ नहीं होगा। मोदी को होगा। क्योंकि मोदी जाते हैं बाहर। उन्हें डर है। हमें कोई डर नहीं है। हम दिन रात एक साथ हैं सारे... और अल्लाह हमारे साथ है।"
कोरोना पर सार्क देशों के साथ चर्चा में पीएम मोदी ने इस वायरस के फैलने को लेकर भारत के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि 'तैयार रहें, लेकिन घबराएँ नहीं' ही हमारे मार्गदर्शन का मंत्र है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जी-20 के बीच लिंक-अप को बढ़ावा देते हुए कोरोना के खतरे से निपटने की पहल कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पीएम ने कहा कि ये काफ़ी सराहनीय है।
सार्क में भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और अफगानिस्तान शामिल हैं। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने विडियो कॉन्फ्रेंस का प्रस्ताव दिया था। इसको लेकर सार्क देशों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई थी।
पीएम मोदी ने अपनी वर्ल्ड लीडर की छवि के अनुसार, दक्षिण एशियाई देशों के संगठन दक्षेस (SAARC) में शामिल देशों से आह्वान किया है कि सभी आठ राष्ट्राध्यक्ष विडियो कॉन्फ्रेसिंग से जुड़कर कोरोना के खिलाफ एकजुट लड़ाई पर चर्चा करें।