हिन्दुओं की धरती है, सर्वसमावेशी विचार के लोग हैं, सहिष्णुता के प्रवर्तक और स्नेह में डूबे हुए लोग कि इस्लामी आक्रमणकारियों, इस्लामी बलात्कारियों, इस्लामी और विदेशी हत्यारों को भी बसने की ज़मीन दी। और कितने उदाहरण चाहिए? ऐसे लोग किसी को क्या डराएँगे? हम तो स्वयं ही हर पर्व पर एक खास तरह के आतंक से डर जीते रहे हैं। अब तो तुम हमें, जीने दो, जीने दो!
मणिकर्णिका घाट पर स्थित अपने निवास स्थान पर ET को दिए साक्षात्कार में जगदीश कहते हैं कि जिस तरह नरेंद्र मोदी ने कार्य किया है उसे देखते हुए उनके आसपास कोई नहीं हैं।
विकास की योजनाओं का मूल्यांकन समय करेगा ही लेकिन नरेंद्र मोदी ने देश के जनमानस के मन पर एक छाप जरुर छोड़ी है। भविष्य में जब कभी नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे तब लोग इतना ज़रूर कहेंगे की शासन तंत्र के तंतुओं को अलग तरीके से बुनने वाला एक ऐसा नेता भी था।
घर संख्या 1 के निवासी ने भूपेंद्र चौबे को बताया कि ये घर 5 वर्ष पहले (मोदी के आने के बाद) सरकारी रुपयों से बना। इसमें कमरा, बाथरूम, किचन वगैरह सबकुछ है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि पक्का घर मिलने से झोंपड़ियों में रहा करते थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार से अपने जीवन के कई पहलुओं पर चर्चा की। इस इंटरव्यू की ख़ास बात यह है कि राजनीतिक मुद्दों को इससे दूर रखा गया। आप भी देखें सुपरस्टार अक्षय कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत।
"भारत ने पाकिस्तान की धमकियों से डरने की नीति को छोड़ दिया है, वर्ना आए दिन बोलते रहते थे, हमारे पास न्यूक्लियर बटन है... हमारे पास न्यूक्लियर है बटन... तो हमारे पास क्या है भाई... क्या हमने इसे दिवाली के लिए रखा है?"
अभी तो चुनाव प्रचार के चार महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं। पता नहीं बीजेपी ने अभी कितने रहस्य बचाकर रखे हैं। लेकिन जो भी हो 2019 का लोकसभा चुनाव धीरे-धीरे और दिलचस्प होता जा रहा है।
हम साहित्यकार देशवासियों से अपील करते हैं कि आप अपना बहुमूल्य वोट देश की अखंडता, सुरक्षा, स्वाभिमान, संप्रभुता, सांप्रदायिक सद्भाव, सर्वांगीण विकास आदि को बनाए रखने के लिए दें।
10 साल की उम्र से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली उर्मिला मातोंडकर को राजनीति में आने के बाद भी तंज कसने का मौका सिर्फ़ मोदी की बायोपिक पर ही मिला। जिस महिला को किसी व्यक्ति के जीवन संघर्षों पर बनी फिल्म कॉमेडी टाइप लगती है, तो संदेह होता है कि उन्होंने अभिनय की दुनिया में इतने वर्ष बिताने के बाद भी क्या सीखा?