ममता बनर्जी हर दिन पश्चिम बंगाल में हर बड़ी रैलियाँ कर रही हैं, लेकिन उसे ट्विटर पर साझा नहीं करतीं हैं, ताकि राजनीतिक रूप से सक्रीय लोगों के चुभचे सवालों से बच सकें और अपना लिबरल एजेंडा सेट कर सकें।
इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी राहुल गाँधी के विचारों से इत्तेफाक न रखते हुए भीड़ में शामिल हो रहे हैं। यह एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
टीएमसी नेता के साथ ममता की बातचीत को पार्टी ने स्वीकार किया है कि रिकॉर्डिंग असली है। इस मामले में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर भाजपा पर गैरकानूनी तरीके से कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है।