पाकिस्तान में यह सारी हलचल ठीक तब शुरू हुई जब विपक्ष ने प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रशासन के खिलाफ़ रैली हुई और नवाज शरीफ के दामाद गिरफ्तार कर लिए गए थे।
जिन्ना समर्थक प्रो बृज नारायण को जिस भीड़ ने अपना शिकार बनाया, उसे सिर्फ हिंदुओं को मारना था। 2 दिन पहले लाहौर में आधा हिन्दू, आधा सिख थे, 2 दिन बाद सिर्फ..
मरियम ने जनता के सामने शपथ ली थी कि वो न सिर्फ अपने पिता नवाज शरीफ को सत्ता में वापस लाएँगी, बल्कि प्रधानमंत्री इमरान खान को भी सलाखों के पीछे पहुँचाएँगी।
अकबर खान ने घाटी में बने भयावह हालातों में पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका के भी पुख्ता सबूत दिए। घाटी के हालातों के लिए पाकिस्तानी शीर्ष नेतृत्व को ज़िम्मेदार ठहराते हुए अख़बार खान लिखते हैं.....
गिरती अर्थव्यवस्था से पहले से ही चरमराया पाकिस्तान अब कमरतोड़ महँगाई को लेकर सुर्खियों में है। यहाँ पर महँगाई कुछ इस कदर है कि लोगों में मूलभूत खाने-पीने की चीजों को लेकर भी हाहाकार मचा हुआ है।