विषय

फैक्ट चेक

फैक्ट चेक: पुणे ट्रेन में हुई सागर मरकड की लिंचिंग में क्या कोई मजहबी एंगल भी था?

ट्रेन में हुई सागर नामक व्यक्ति की हत्या के आरोपितों के मुस्लिम होने की खबर में कितनी सच्चाई है? क्या बुरका पहनी औरतों के साथ चल रहे पुरुषों ने ली उसकी जान? जानिए क्या है सच।

दलितों ने नहीं अपनाया इस्लाम: ‘सूत्रों’ के हवाले से फर्जी खबर छाप कर टाइम्स ऑफ इंडिया फैला रहा प्रोपेगेंडा

मीडिया अक्सर इस तरह की कारस्तानी सस्ती चर्चा, बहस और लोकप्रियता कमाने के उद्देश्य से किया करती है।

स्वास्तिक पर लिबरल गैंग कर रहे गुमराह, हिंदू घृणा से भरे Alt News का फर्जी फैक्ट चेक

किसी वजह से किसी स्वास्तिक में बिंदु न हों तो इसका मतलब ये कतई नहीं है कि वो हिन्दुओं का प्रतीक चिन्ह नहीं है। यह एक बड़ी विडंबना है कि जो लोग हिन्दुओं के लिए अपने मन में घृणा रखते हैं वो बताते हैं कि कौन-सा प्रतीक हिन्दुओं का है और कौन-सा नहीं।

IND Vs AUS के वनडे मैच में काले रंग पर प्रतिबन्ध? The Hindu के पत्रकार के झूठ का Fact Check

पत्रकार देसाई ने दावा किया कि पूरे स्टेडियम में काले रंग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहाँ तक कि काले रंग की टीशर्ट या टोपी पहने लोगों को भी अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि काला रंग 'विरोध का प्रतीक' है, इसीलिए ऐसा किया जा रहा है।

FACT CHECK: क्या CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही है पुलिस? जानें इन तस्वीरों का सच

इन तस्वीरों में पुलिसकर्मी "नो सीएए, नो एनआरसी", "वी अपोज एनआरसी एन्ड सीएए", "मासूमों पर लाठीचार्ज अब हमसे न हो पाएगा" और "नो एनआरसी, नो कैब" लिखी तख्तियाँ लेकर धरना देते हुए दिख रहे हैं।

JNUSU कार्यकर्ता को ABVP का बता डाला… राहुल कंवल ने स्टिंग के नाम पर ऐसे किया गड़बड़झाला

राहुल कंवल के फ़र्ज़ी दावे वाली फ़ोटो का संबंध दूर-दूर तक ABVP या 'ABVP की रैली' से नहीं था। उनके खोखले दावे का सच ख़ुद राहुल कंवल द्वारा शेयर किए गए जनसत्ता के लेख से भी हो गया। इसमें विरोध-प्रदर्शन के लिए स्पष्ट तौर पर आइशी घोष और JNUSU का उल्लेख किया गया था, न कि ABVP का।

JNU में हमला कर रही नकाबपोश गुंडी ABVP कार्यकर्ता नहीं है, फैलाया जा रहा झूठ: Fact Check

क्या नकाबपोश गुंडी और शाम्भवी, दोनों एक ही हैं? सच जानने के लिए हमें दोनों तस्वीरों को बारीकी से देखना चाहिए। दोनों की शारीरिक बनावट एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। शर्ट का चेक पैटर्न भी अलग। जूते से लेकर कलावा तक में अंतर - लेकिन प्रोपेगेंडा फैलाना ही एकमात्र काम हो तो कोई क्या करे!

मदरसा छात्रों और मौलवी के मलद्वार से बहा था खून, UP पुलिस का टॉर्चर: मीडिया गिरोह की साजिश का भंडाफोड़

सआदत छात्रावास के नाबालिग लड़कों ने ख़ुद दावा किया कि उनके गुदा से ख़ून बहने की ख़बरें झूठी हैं। सीतापुर के रहने वाले 21 साल के इरफ़ान हैदर ने बताया कि 'कुछ मदरसा छात्रों को पुलिस यातना का दंश झेलना पड़ा' जैसी सारी ख़बरें झूठी थीं, इनका कोई आधार नहीं था।

कॉन्ग्रेस नेता ने शेयर की फेक तस्वीर, कहा- CAA का विरोध करने पर असम में महिला के कपड़े फाड़ रही सेना

कॉन्ग्रेस नेता का फेसबुक प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि वह फेक न्यूज़ फैलाने में माहिर है। उसने गोडसे और सावरकर के शारीरिक सम्बन्ध होने की बात पोस्ट कर रखी है। एक पोस्ट में भारत का नक्शा दिखा कर दावा किया कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकार है, वे राज्य गोबर हैं।

बिग BC के इक़बाल अहमद, पत्रकार की तरह लिखो, मजहबी मत बनो, चीजें बेहतर दिखेंगी

IIT, फैज, CAA, मोदी-शाह विरोध... मतलब गिरोह विशेष के लिए फेक न्यूज फैलाने का भरपूर मसाला। ऐसे में सिर्फ BBC ही इसमें क्यों आगे रहे! मीडिया के तमाम बड़े नामों ने 'फैज की नज्म हिंदू विरोधी' के टाइटल से खबर चलाई। किसी ने भी सच जानने की कोशिश नहीं की।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें