Tuesday, January 26, 2021
Home फ़ैक्ट चेक फैक्ट चेक: क्या मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद को नाज़ीवाद और हिटलर से जोड़ा?

फैक्ट चेक: क्या मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद को नाज़ीवाद और हिटलर से जोड़ा?

मोहन भागवत ने राँची में अपने संबोधन में अपनी ब्रिटेन यात्रा का जिक्र करते हुए एक किस्से के माध्यम से राष्ट्रीयता (नेशनलिज़्म/Nationalism) शब्द की व्याख्या करते हुए लोगों से कहा कि शब्दों का चयन अच्छी प्रकार से करना चाहिए क्योंकि इनके अर्थ भिन्न हो सकते हैं।

सोशल मीडिया और सेलेक्टिव मीडिया किस तरह से अपने हिस्से के सच को जनता के सामने रख कर अपना उल्लू सीधा करता है इसका आज एक और उदाहरण सामने आया है। अमेरिका के मशहूर समाचार पत्र वॉशिंगटन पोस्ट की पूर्व मशहूर प्रकाशक कैथरीन ग्राहम ने पत्रकारिता और ख़बरों को लेकर कहा था- “News is what someone wants suppressed. Everything else is advertising. The power is to set the agenda. What we print and what we don’t print matter a lot.”

इसका हिंदी में अर्थ है- “खबर वह होती है, जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मुद्दे तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते।”

हाल ही में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में छात्रों द्वारा की गई पत्थरबाजी के आधे वीडियो दिखाने वाले पत्रकारों ने खुद ही खुद को जनता के सामने बेनकाब किया है। और कम से कम इस बात का प्रमाण दे दिया है कि वो दर्शकों को क्या दिखाना चाहते हैं और क्या छुपाना चाहते हैं।

क्या है मामला –

देश का मीडिया गिरोह अपनी धुन पर सवार है और उसने आज यही प्रयोग आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान के साथ दोबारा किया है। हाल ही में उनके एक और बयान को, जिसमें उन्होंने कहा था, “तलाक के अधिक मामले शिक्षित और सम्पन्न परिवारों से सामने आ रहे हैं, क्योंकि शिक्षा और संपन्नता अहंकार पैदा करती है, जिससे परिवार टूट रहे हैं।” मीडिया ने उसे मरोड़कर यह प्रपंच फैलाया कि भागवत ने यह कहा कि पढ़ने-लिखने से तलाक ज़्यादा होता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत आज बृहस्पतिवार (फरवरी 20, 2020) को झारखंड के राँची में एक कार्यक्रम के दौरान जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। मीडिया गिरोह ने मोहन भागवत के इसी कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण के सिर्फ एक हिस्से को प्रमुखता से प्रकाशित किया है और बताया है कि मोहन भागवत ने ‘राष्ट्रवाद’ को लेकर बड़ा बयान दिया है।

मीडिया गिरोह प्रमुख NDTV ने मोहन भागवत का सीधा-सा अर्थ निकालते हुए अपनी भाषा में हेडलाइन देते हुए लिखा- “RSS चीफ मोहन भागवत बोले- नेशनलिज्म न कहो, क्योंकि नेशनलिज्म का मतलब होता है हिटलर।”

क्या है मोहन भागवत के बयान का सच

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने राँची में कार्यक्रम में हिस्सा लिया, इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में अपनी ब्रिटेन यात्रा का जिक्र करते हुए एक किस्से के माध्यम से राष्ट्रीयता (नेशनलिज़्म/Nationalism) शब्द की व्याख्या करते हुए लोगों से कहा कि शब्दों का चयन अच्छी प्रकार से करना चाहिए क्योंकि इनके अर्थ भिन्न हो सकते हैं।

मोहन भागवत ने अपने भाषण में बताया कि ब्रिटेन में आरएसएस कार्यकर्ताओं से उस दौरान जब उनकी बातचीत हुई, उसी में यह बात निकलकर सामने आई कि बातचीत में शब्दों के अर्थ भिन्न हो जाते हैं। मोहन भागवत ने कहा- “…इसलिए आप नेशनलिज़्म/Nationalism (राष्ट्रवाद) इस शब्द का उपयोग करने से बचें। आप नेशन (राष्ट्र) कहेंगे चलेगा, नेशनल (राष्ट्रीय) कहेंगे चलेगा, नेशनलिटी (राष्ट्रीयता) कहेंगे तो भी चलेगा, मगर नेशनलिज्म (राष्ट्रवाद) न कहो क्योंकि नेशनलिज्म का मतलब होता है हिटलर, नाजीवाद, फासीवाद। ऐसे ही शब्दों का बदलाव हुआ है।”

ब्रिटेन में एक आरएसएस कार्यकर्ता के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि वहाँ 40 से 50 लोगों से संघ के बारे में उनकी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा- “संघ के कार्यकर्ता ने मुझे कहा कि अंग्रेजी आपकी भाषा नहीं है और इसलिए शब्दों का इस्तेमाल बचकर कीजिएगा। यहाँ पर नेशनलिज्म शब्द की जगह नेशनल कहेंगे तो चलेगा, नेशन कहेंगे तो चलेगा, नेशनलिटी कहेंगे तो चलेगा पर नेशनलिज्म मत कहिएगा। नेशनलिज्म का मतलब हिटलर और नाजीवाद होता है।” 

गौरतलब है कि यह कहने से पहले ही मोहन भागवत यह स्पष्ट कर चुके थे कि शब्दों का अर्थ आज के समय में बदल दिए गए हैं। साथ ही, हमें यह भी देखना होगा कि एक ही शब्द अलग-अलग देश, काल और परिस्थिति में अलग-अलग अर्थ पाते है। ध्यान देने की बात यह है कि भारत में ही विगत कुछ वर्षों में राष्ट्रवाद और फासीवाद शब्दों को वामपंथी मीडिया गैंग से लेकर देश के कथित विचारक वर्ग ने खूब इस्तेमाल किया है। इन शब्दों को इतना इस्तेमाल किया गया है कि ये अब अपने मूल और शाब्दिक अर्थ से अलग माने जाने लगे हैं।

देश के कुछ कथित निष्पक्ष पत्रकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर भी अपने प्राइम टाइम में लोगों को फासीवादियों की तरह ही ‘गैस चैंबर’ में बंद कर दिए जाने जैसे रटे-रटाए वाक्यों को रोजाना 9-10 PM के बीच जनता के कानों में ठूँसते देखे गए थे। जाहिर सी बात है कि भ्रामक हेडलाइंस का उदेश्य एक विचारधारा के विरुद्ध लोगों को भर्मित कर अपना उल्लू सीधा करना ही होता है।

इसी के प्रकाश में मोहन भागवत ने राँची में बयान दिया कि उन शब्दों से बचिए, जिनका अर्थ कुछ और ही कर दिया गया है। निश्चित तौर पर मोहन भागवत द्वारा यह बात एक तरह से वहाँ मौजूद जनसभा को दिशा-निर्देशित करने के उद्देश्य से कही गई थी।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का पूरा भाषण नीचे दिए गए वीडियो में सुन सकते हैं। भाषण के शुरू में ही मोहन भागवत स्पष्ट कहते सुने जा सकते हैं कि शब्दों का अर्थ बदलता जा रहा है। इसके बाद ही उन्होंने बताया है कि राष्ट्रवाद शब्द के इस्तेमाल करने पर आपके कथन का सीधा अर्थ फासीवाद और नाजीवाद से जोड़ दिया जाता है। इसलिए इसके प्रयोग से बचना चाहिए। हम अक्सर खबरों में देखते आए हैं कि राष्ट्रवाद या नेशनलिज़्म जैसे शब्दों का प्रयोग करते ही विरोधी अपने एजेंडे को अक्सर आगे कर देते हैं।

यह वीडियो देखने से पता चलता है कि मेनस्ट्रीम मीडिया द्वारा चलाई जा रही हेडलाइन भ्रामक और बेहद चालाकी से संघ के खिलाफ इस्तेमाल करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ मीडिया और सोनम कपूर दोनों खल्लास… विडियो से पूरा सच आया सामने

हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए की गई ‘मॉब लिंचिंग’ की ब्रांडिंग: विजयदशमी उत्सव पर भागवत

सिर्फ अंग्रेजी से ही अच्छा पैसा कमाया जा सकता है, इस धारणा को बदलने की जरूरत: मोहन भागवत

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गणतंत्र दिवस पर लिब्रांडुओं के नैरेटिव के लिए आप तैयार हैं?

कल की मीडिया में वामपंथियों और लिब्रांडुओं के नैरेटिव की झलक आज देख लीजिए ताकि आपको झटका न लगे!

10 को पद्म भूषण, 7 को पद्म विभूषण और 102 को पद्म श्री: पाने वालों में विदेशी राजनेता से लेकर धर्मगुरु तक

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, गायक एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत), सैंड कलाकार सुदर्शन साहू, पुरातत्वविद बीबी लाल को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा।

कल तक ‘कसम राम की’ कहने वाली शिवसेना भी ‘जय श्री राम’ पर हुई सेकुलर, बताया- राजनीतिक एजेंडा

कल तक 'कसम राम की' कहने वाली शिवसेना को अब जय श्री राम के नारे में धार्मिक अलगावाद दिखता है। राजनीतिक एजेंडा लगता है।

‘कोहराम मचा दो… मोदी को जला कर राख कर देगी’: किसानों के नाम पर अबू आजमी ने उगला जहर, सुनते रहे पवार

किसानों के नाम पर मुंबई में सपा विधायक अबू आजमी ने प्रदर्शनकारियों को उकसाने की कोशिश की। शरद पवार भी उस समय वहीं थे।

आर्थिक सुधारों के पूरक हैं नए कृषि कानून: राष्ट्रपति के संदेश में किसान, जवान और आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार (जनवरी 25, 2021) को 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं।

ऐसे लोगों को छोड़ा नहीं जाना चाहिए: मुनव्वर फारूकी पर जस्टिस रोहित आर्य, कुंडली निकालने में जुटा लिब्रांडु गिरोह

हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने कहा कि ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

निकिता तोमर को गोली मारते कैमरे में कैद हुआ था तौसीफ, HC से कहा- मैं निर्दोष, यह ऑनर किलिंग

निकिता तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपित तौसीफ ने हाई कोर्ट से घटना की दोबारा जाँच की माँग की है। उसने कहा कि यह मामला ऑनर किलिंग का है।

‘जिस लिफ्ट में ऑस्ट्रेलियन, उसमें हमें घुसने भी नहीं देते थे’ – IND Vs AUS सीरीज की सबसे ‘गंदी’ कहानी, वीडियो वायरल

भारतीय क्रिकेटरों को सिडनी में लिफ्ट में प्रवेश करने की अनुमति सिर्फ तब थी, अगर उसके अंदर पहले से कोई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी न हो। एक भी...

छठी बीवी ने सेक्स से किया इनकार तो 7वीं की खोज में निकला 63 साल का अयूब: कई बीमारियों से है पीड़ित, FIR दर्ज

गुजरात में अयूब देगिया की छठी बीवी ने उसके साथ सेक्स करने से इनकार कर दिया, जब उसे पता चला कि उसके शौहर की पहले से ही 5 बीवियाँ हैं।
- विज्ञापन -

 

‘गजनवी फोर्स’ से जम्मू-कश्मीर के मंदिरों पर हमले की फिराक में पाकिस्तान, सैन्य प्रतिष्ठान भी आतंकी निशाने पर

जम्मू-कश्मीर के मंदिरों पर आतंकी हमलों की फिराक में हैं। सैन्य प्रतिष्ठान भी निशाने पर हैं।
00:25:31

गणतंत्र दिवस पर लिब्रांडुओं के नैरेटिव के लिए आप तैयार हैं?

कल की मीडिया में वामपंथियों और लिब्रांडुओं के नैरेटिव की झलक आज देख लीजिए ताकि आपको झटका न लगे!

‘ऐसे बयान हमारी मातृभूमि के लिए खतरा’: आर्मी वेटरन बोले- माफी माँगे राहुल गाँधी

आर्मी वेटरंस ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘सेना की कोई आवश्यकता नहीं’ है।

10 को पद्म भूषण, 7 को पद्म विभूषण और 102 को पद्म श्री: पाने वालों में विदेशी राजनेता से लेकर धर्मगुरु तक

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, गायक एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत), सैंड कलाकार सुदर्शन साहू, पुरातत्वविद बीबी लाल को पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा।

‘1 फरवरी को हम संसद तक पैदल मार्च निकालेंगे’: ट्रैक्टर रैली से पहले ‘किसान’ संगठनों का नया ऐलान

गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली की अनुमति मिलने के बाद अब 'किसान' संगठन बजट सत्र को बाधित करने की कोशिश में हैं। संसद मार्च का ऐलान किया है।

कल तक ‘कसम राम की’ कहने वाली शिवसेना भी ‘जय श्री राम’ पर हुई सेकुलर, बताया- राजनीतिक एजेंडा

कल तक 'कसम राम की' कहने वाली शिवसेना को अब जय श्री राम के नारे में धार्मिक अलगावाद दिखता है। राजनीतिक एजेंडा लगता है।

अशोका यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर ने भगवान राम का उड़ाया मजाक, राष्ट्रपति को कर रहा था ट्रोल

अशोका यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर नीलांजन सरकार ने अपना दावा झूठा निकलने पर भगवान राम का उपहास किया।

‘कोहराम मचा दो… मोदी को जला कर राख कर देगी’: किसानों के नाम पर अबू आजमी ने उगला जहर, सुनते रहे पवार

किसानों के नाम पर मुंबई में सपा विधायक अबू आजमी ने प्रदर्शनकारियों को उकसाने की कोशिश की। शरद पवार भी उस समय वहीं थे।

बॉम्बे HC के ‘स्किन टू स्किन’ जजमेंट के खिलाफ अपील करें: महाराष्ट्र सरकार से NCPCR

NCPCR ने महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि वह यौन शोषण के मामले से जुड़े बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तत्काल अपील दायर करे।

आर्थिक सुधारों के पूरक हैं नए कृषि कानून: राष्ट्रपति के संदेश में किसान, जवान और आत्मनिर्भर भारत पर फोकस

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार (जनवरी 25, 2021) को 72वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe