मैं जब इस समाज का हिस्सा होने के कारण सोचने लगता हूँ तो पाता हूँ कि ये चलता रहेगा क्योंकि मर्दों के दम्भ की सीढ़ी की अंतिम लकड़ी स्त्री पर अपने लिंग के प्रहार के रूप में ही परिणत होती है। पितृसत्ता का विकृत रूप यही है कि लड़की इस क्रूरतम हिंसा के विरोध में इस तरह से अपनी आत्मा को मार चुकी है कि जो करना है कर लो, पर वीडियो मत बनाओ।
आकिब पर अपने दो दोस्तों आदिल, नाजिक के साथ मिल कर एक दलित नाबालिग लड़की का बलात्कार करने और उसका अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। शनिवार को हुई इस घटना का मुख्य आरोपित मोहम्मद आदिल उर्फ़ छोटका उर्फ आतंकवादी को पुलिस पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है। एक अन्य आरोपित नाज़िक को पहले ही ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
जब पीड़िता की तबियत खराब होने लगी तो उसने अपने माता-पिता को बताया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिन्होंने आरोपितों के विरुद्ध बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने में दर्ज कर लिया। दोनों आरोपितों की तलाश जारी है।
एसआईटी प्रमुख नवीन अरोड़ा ने कहा था कि चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने के मामले में पीड़ित छात्रा की भी संलिप्तता मिली है। उससे मंगलवार को पूछताछ भी की थी। पीड़िता ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दायर कर रखी है जिस पर कल सुनवाई होनी है।
22 सितंबर को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था। तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी।
आरोपित जसीम ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाकर उसके साथ तब तक बलात्कार किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई और उसके बाद उसने पीड़िता की अश्लील तस्वीरें लीं। वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव डालने लगा।
शाहजहाँपुर स्थित स्वामी सुखदेवानंद विधि महाविद्यालय में एलएलएम की एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार के गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में मीडिया के सामने छात्रा ने चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
कुछ लड़कियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर मदरसा प्रशासन के ख़िलाफ़ शोषण की शिकायत की। अनवर कराक्कड़ ने बताया कि पूछताछ में 1 लड़की ने बताया कि मौलवी रफीक ने उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौलवी को गिरफ्तार कर लिया।
चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में पीड़िता का पिता ही सबसे ज्यादा दोषी है। लड़की के माता-पिता ने अपनी बेटी के साथ बलात्कार करने के लिए सहमति दी। इस मामले में कई लोग आरोपित हैं, कमिटी ने पुलिस से बड़े स्तर पर जाँच की अपील की है।
अगर छात्रा को अग्रिम ज़मानत नहीं मिलेगी तो ऐसी सूरत में उसकी गिरफ़्तारी होना लगभग तय है। वहीं, छात्रा के दोस्त संजय, विक्रम और सचिन को रंगदारी माँगने के जुर्म में गिरफ़्तार कर जेल भेजा जा चुका है।