Wednesday, July 28, 2021

विषय

बाढ़ से बेहाल

बिहार की बाढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री डूबते-डूबते बचे, जुगाड़ू नाव में फोटो शूट कराते हुआ हादसा, देखें Video

सांसद रामकृपाल यादव धनरूहा के चकियापर और रमनिबिहदा के बीच दरधा नदी पर टूटे तटबंध का दौरा करने निकले, लेकिन परिस्थियाँ ऐसी बनी कि वो वहाँ खुद डूबते-डूबते बचे।

क्या मर गया है बिहारियों का स्वाभिमान? क्या नीतीश कुमार को घेर कर नहीं पूछ सकते सवाल?

दुर्भाग्य यह है कि बिहार में शायद कुछ भी सही नहीं है। इसलिए हमें बुद्ध और चाणक्य की शरण में जाना पड़ता है। लेकिन अशोक स्तम्भ और गरुड़ध्वज की छाया क्षीण हो चुकी है। नितीश और लालू जैसे नेता यह बताते हैं कि हम चुनने में भी गलती करते हैं, और उसके बाद काम करवाने के लिए प्रयास भी नहीं करते।

6 फीट पानी में तो इंसान डूब जाता है, आपका अहंकार क्यों नहीं डूबता…

मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर 72 घंटे पहले चेताया था। बैठक भी हुई थी। मंत्री-अफसर सब जुटे थे। नाश्ते में काजू भी रहा होगा मगर उस बैठक का नतीजा क्या हुआ? बारिश होती रही और ढीठ सिस्टम मुॅंह ताकता रहा।

हेल के कर जाइए न पार, ठीके त है नीतीश कुमार: बाढ़ के बीच पजामा ऊँचा कर के घूमती सरकारी निष्क्रियता

घर में फँसे डिप्टी सीएम को रेस्क्यू करना पड़ा और ​मुख्यमंत्री अमेरिका की बातें कर रहे। अधिकारियों के सामने केंद्रीय मंत्री लाचार हैं और सीएम मुंबई की याद दिला रहे। शायद, नीतीश भूल चुके हैं कि बिहार के लिए उनकी जिम्मेदारी बनती है और सवाल उनसे पूछे ही जाएँगे।

बाढ़ से बिफरे: अपनी ही सरकार पर बरसे MLA बोगो बाबू, गिरिराज भी बोले- हाँ, मैं बागी हूँ

विधायक बोगो बाबू ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को पूर्णतया उदासीन करार दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों (बिहार सरकार व प्रशासन) की मानवीय संवेदना जीरो पर आउट हो गई है (शून्य हो गई है) और उन्हें मानवता से कोई मतलब नहीं है।

ताकि, सनद रहे! बिहारियों की जान बहुत सस्ती है…

यह भी चंद दिनों का ख़ब्त है। अभी आप पूरे देश के बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं को केरल और चेन्नै के बहाने गाली दे रहे हैं, लेकिन यह भूल जा रहे हैं कि आज के युग में आर्थिक बल ही सब कुछ है। बिहार यहाँ नीचे से पहले पायदान पर है।

बिहार में बाढ़: न पहली, न आखिरी बार… आखिर क्यों डूबते हैं शहर?

हुजूर! यही हैं हम। यही है हमारा देश… आज केवल मेरा शहर नहीं डूबा, मेरा पूरा राज्य डूब गया है। छपरा, सिवान, पटना सब डूबे हुए हैं। शहर यदि नदियों के बाढ़ से डूब जाएँ तो बात समझ में आती है, पर बरसात से डूबें तो बात समझ में नहीं आती।

हम बिहार के लोग चू@& हैं जो ऐसे नेता चुनते हैं: आखिर ये बिहारी युवक ऐसा क्यों कह रहा है

वायरल वीडियो में एक बिहारी ने मीडिया से लेकर सेलेब्रिटीज तक पर आरोप लगाए हैं कि वे सभी बिहार के लिए पक्षपात कर रहे हैं क्योंकि बाकी राज्यों में बाढ़ आने पर उनकी आँखों में आँसू आते हैं लेकिन बिहार के लिए किसी के मन में कोई संवेदना नहीं।बिहार में प्रशासन निष्क्रिय हो चुका है।

बिहार: पॉलीथीन के घर में भीगते-भीगते मर गई प्रसूता, मौत के बाद आवास योजना का लाभ देने पहुँचे BDO

पूजा की मौत के बाद पूरा परिवार शोक में है और गाँव वालों में इस बात का गुस्सा है कि यदि सरकारी आवास योजना का लाभ पहले मिला होता तो 20 वर्षीय लड़की की मौत नहीं होती।

‘केवल दो नर ना अघाते थे, धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे’: बाढ़ से 29 की मौत, 1.3 लाख छात्रों की परीक्षाएँ रद्द

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि यह प्रकृति का प्रकोप है, जिसके आगे मनुष्य अक्सर असहाय हो जाता है। उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि किसी को नहीं पता कि मूसलाधार बारिश कब तक जारी रहेगी? मौसम विभाग भी ऐसी स्थिति में असहाय है।"

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,660FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe