मामला सामने आने के बाद से विधायक गायब हैं। उनके मोबाइल का अंतिम लोकेशन झारखंड में मिलने के कारण माना जा रहा है कि वे बिहार के बाहर छिपे हुए हैं। विधायक के करीबियों पर किशोरी को धमकाने के आरोप भी हैं।
सरपंच असलम के सामने एक विधवा (हिन्दू) और एक पुरुष (मुस्लिम) को रस्सी से बाँधा जाता है। छड़ी से पिटाई की जाती है, गंदे-गंदे शब्द बोले जाते हैं, अवैध संबंधों का ताना दिया जाता है। इसके बाद जबरन शादी कराई जाती है और विधवा का धर्म परिवर्तन कराने के लिए गाय का मांस भी खिलाया जाता है।
"दानिश और उसके तीन अन्य दोस्तों ने रेप करने में नाकाम रहने के बाद रिया और आसिफ दोनों को गोली मार दी। दानिश ने आसिफ को फोन कर मिलने के लिए बुलया था। आसिफ और रिया साथ-साथ गए थे। वहॉं दानिश और उसके तीन अन्य दोस्तों ने फब्तियाँ कसी और रिया के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की।"
पुलिस ने आसिफ़ के दोस्त दानिश को हिरासत में ले लिया है। कथित तौर पर उसने आसिफ़ को पिस्तौल दी थी। दानिश के पास से दो राउंड गोली और मृतक का मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आत्महत्या का संभावित कारण असफल प्रेम संबंध हो सकता है। फ़िलहाल, मामले की जाँच जारी है।
दोनों घर से भाग कर कहीं और जाने की तैयारी में थे। इसी क्रम में उन्होंने भागने की योजना बनाई थी और शिवराम जेबा को लेने के लिए उसके गाँव आया था। लेकिन, ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और...
एक पत्रकार ने अपनी किताब में खुलासा किया है की शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पिता स्वर्गीय प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे का परिवार बिहार से संबध रखता है।
पीड़िता ने बताया कि वह अपने भाभी के घर जा रही थी। इसी दौरान कार सवार आए और उसे जबरन बैठा लिया। सभी ने अपने चेहरे ढँक रखे थे। उसके साथ चलती गाड़ी में रेप किया, फिर एक नहर के पास दोबारा घिनौनी घटना को अंजाम दिया।
बिहार में संजय जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाने से लगता है कि भाजपा गठबंधन साधने के प्रयास में है। वहीं राजस्थान में सतीश पूनिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने से साफ़ ज़ाहिर है कि अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले की तरह निर्णायक की भूमिका में नहीं रह गई हैं।
18 जुलाई को पीड़ित लड़की ने अपने बयान में कहा था कि लड़कियों को आरा की एक इंजीनियर के आवास पर और होटलों में ले जाया जाता था। इसके बाद बीते 6 सितंबर को सेक्स रैकेट कांड में पीड़ित किशोरी का दोबारा बयान आरा कोर्ट में दर्ज कराया गया था।
आर्यसमाज चौक पर हमेशा की तरह कुछ लोग समूह बना कर बातचीत कर रहे थे। जैसे ही मुस्लिमों ने उन्हें देखा, वे 'हिंदुस्तान मुर्दाबाद' का नारा लगाने लगे। मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे भी लगाए।