2015 में करीब 67% मतदान हुआ था। इस बार भी ऐसा हुआ तो एक करोड़ के करीब वोट पड़ेंगे। दिल्ली में इस वक्त भाजपा के सदस्यों की संख्या 62 लाख के करीब है। इन सभी ने बीजेपी के लिए वोट डाले तो 11 फरवरी को करिश्मा तय है।
कॉन्ग्रेस के एक सांसद हंगामा करते हुए सत्तापक्ष की अग्रिम पंक्ति तक पहुँच गए और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को घेर लिया। सांसद मणिकम टैगोर आक्रामक ढंग से डॉ हर्षवर्धन के बहुत नजदीक आ गए। जिसके बाद लोकसभा में हाथापाई की नौबत तक आ गई।
जस्टिस कैत ने सुनवाई करते हुए कहा कि दोषियों ने सजा में देरी करने की रणनीति अपनाई है। इसलिए मैं सभी दोषियों को 7 दिनों के भीतर उनके कानूनी उपचार के लिए निर्देशित करता हूँ, जिसके बाद अदालत को उम्मीद है कि अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करना होगा।
इसकी शुरुआत भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के साथ दूसरे बड़े शहरों के मंदिरों से होगी। जिस व्यक्ति को जमीन दी जाएगी, वो उस पर निर्माण कार्य कर बेच सकेगा। बिल्डर अपनी मर्जी के मुताबिक उस जमीन पर फ्लैट, डुप्लेक्स, दुकान, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सहित दूसरा कर्मिशियल निर्माण कर सकता है।
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में आयोजित एक जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में चल रहे शाहीन बाग धरने को विपक्षी दलों का पूरा साथ मिल रहा है।
“वे एक ऐसे व्यक्ति के लिए इस तरह का शब्द कैसे बोल सकते हैं, जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में काफी योगदान दिया, बल्कि पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा का संदेश फैलाया। महात्मा गाँधी के सत्याग्रह को ड्रामा कहने वाले रावण की औलाद हैं। वे भगवान राम के उपासक को गाली दे रहे हैं।”
सीएए विरोध के दौरान दिल्ली में हिंसा भड़काने के पीछे केजरीवाल की पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान का नाम आया था। जहाँ एक तरह ये ख़बर सुर्खियाँ बन रही हैं, दूसरी तरफ केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ कर के हिन्दू वोटरों को रिझाने में लगे हैं।
उद्धव के अनुसार उन्होंने पिता से किया वादा पूरा करने के लिए कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाई है। इसके लिए उन्होंने किसी भी हद तक जाने का फैसला किया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भविष्य में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेंगे।
कॉन्ग्रेस नेता की भारत तोड़ने की इस टिप्पणी पर न्यूज एंकर और भाजपा प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रियाएँ दी। उन्होंने कॉन्ग्रेस नेता कि इस भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए काफी आलोचना की। इसके बाद ट्विटर यूजर ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या कॉन्ग्रेस सच में ‘जिन्ना वाली आजादी’ चाहती है।