योगी ने बताया कि सीएम के साथ मीटिंग की तैयारी का बहाना बनाकर पूरा दिन बर्बाद कर देना अधिकारियों की आदत बन चुकी थी। बैठक के लिए नौकरशाह पूरे लाव-लश्कर के साथ आते थे। इस कल्चर पर लगाम लगाने से अब सामान्य कामकाज की गति प्रभावित नहीं होती।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पूरे देश में एनआरसी लागू करने से किसी को क्या समस्या हो सकती है। दुनिया का कोई भी देश अवैध रूप से अपनी सीमाओं घुसने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करता। भारत में भी अवैध लोगों को रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
"आज भगवा वस्त्र पहनकर लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार हो रहे हैं, मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं। क्या यही हमारा धर्म है? हमारे सनातन धर्म को जिन लोगों ने बदनाम किया है, उन्हें ईश्वर माफ़ नहीं करेगा।"
पिछले दिनों बृहस्पति सिंह ने अधिकारियों को जूता मारने का विवादित बयान भी दिया था। इससे पहले प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी ने कहा था कि बड़ा नेता बनना है तो एसपी और कलेक्टर का कॉलर पकड़ो।
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करते हुए राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। साथ ही जम्मू-कश्मीर को विभाजित कर दो केंद्र शासित प्रदेश के गठन का ऐलान किया था।
3 फरवरी को मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। मामला 2013 में भाजपा की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने दर्ज कराया था। दर्ज की गई शिक़ायत के अनुसार जोगी ने शपथ-पत्र में अपना जन्म स्थान ग़लत बताया था।
चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया था। चिन्मयानंद महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। 72 वर्षीय स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया था कि उनकी छवि ख़राब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ भाजपा में आए अर्जुन सिंह पर पहले भी हमले हो चुके हैं। इसी साल 25 जुलाई की रात उनके घर पर बम फेंके गए थे। आम चुनावों के दौरान भी टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें निशाना बनाया था।
तीन तलाक को जुर्म बनाने वाले मोदी सरकार के बिल का समर्थन करने वाले खान ने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया था। इस मामले में राजीव गॉंधी की सरकार ने मुस्लिम नेताओं के दबाव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कानून संसद से पास करवाया था।
सिद्धारमैया से पूछा गया था कि राज्य में गठबंधन सरकार के गिरने के लिए जेडीएस उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहा है। जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने एक कन्नड़ के एक कहावत का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब होता है कि जो वेश्याएँ नाच नहीं सकती वे डॉंस फ्लोर का रोना रोती हैं।