बीजेपी सांसद वरुण गाँधी ने कहा कि जो लोग देश के साथ हो, वो किसी के खिलाफ नहीं हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो देश की सरहदों के लिए लड़ रहा है, जो देश के लिए जी रहा हो और देश के लिए मर रहा हो, उसका ना कोई धर्म होता है और न जात होती है।
इंदौर भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि यहाँ लगातार पिछले 8 चुनावों से ताई के नाम से पुकारी जाने वाली सुमित्रा महाजन का कब्ज़ा है और 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वो चुनाव नहीं लड़ रही हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का हवाला देकर इस सीट से न लड़ने की बात कही थी।
अभी तो चुनाव प्रचार के चार महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं। पता नहीं बीजेपी ने अभी कितने रहस्य बचाकर रखे हैं। लेकिन जो भी हो 2019 का लोकसभा चुनाव धीरे-धीरे और दिलचस्प होता जा रहा है।
गुजरात में बीजेपी के मंत्री ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पर एक विवादित टिप्पणी की है। राज्य सरकार के मंत्री गणपत वसावा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की तुलना कुत्ते के बच्चे से की है, जिसके बाद उनके बयान की काफी आलोचना भी की गई है।
तीसरे चरण में कॉन्ग्रेस के कुल 90 उम्मीदवारों में से 40 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। यह कुल उम्मीदवारों का 44% है।
साध्वी प्रज्ञा को जख्मी फेफड़ों के साथ अस्पताल में 3-4 फ्लोर तक चढ़ाया जाता था। ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी जाती थी और उन्हें तड़पने के लिए छोड़ दिया जाता था। लगातार 14 दिन की प्रताड़नाओं के बीच साध्वी प्रज्ञा की रीढ़ की हड्डी भी टूट गई थी, इसी बीच उन पर एक और केस फाइल कर दिया गया।
विवादित कम्युनिस्ट छात्र नेता कन्हैया कुमार के साथ बेगूसराय में लोगों से वोट की अपील करने वाले जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट करते हुए बताया है कि उनके साथ भी इस तरह के हादसे हो चुके हैं और उन्हें राज्य सरकार ने कोई सुरक्षा नहीं दी है।
डॉक्टर शक्ति भार्गव के माता-पिता ने बहू-बेटे पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। भार्गव ने 500 करोड़ रुपए के बीआईसी के तीन बेशकीमती बंगले 11.5 करोड़ में ख़रीदे। 2018 में आयकर विभाग ने लैंड माफिया डॉक्टर भार्गव के कई ठिकानों पर छापा मारा था।
कॉन्ग्रेस के 10 साल भी जनता को याद हैं, कॉन्ग्रेस ने आते ही जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दी।" साध्वी ठाकुर ने कहा कि ये देश का कार्य है, इसमें सबको साथ आकर काम करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि वो 23 अप्रैल को अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
ट्वीटर यूजर द्वारा किया गया ये दावा पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। सच्चाई तो ये है कि इस वीडियो या फिर इस मुद्दे को किसी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसलिए कवर नहीं किया, क्योंकि आज सूरत में भाजपा समर्थकों द्वारा कोई बाइक रैली नहीं की गई थी।