Tuesday, May 21, 2024

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भीम राव अम्बेदकर

रामपुर से सपा प्रत्याशी मोहिबुल्लाह नदवी ने आम्बेडकर की चित्र पर नहीं चढ़ाया फूल: सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल, दलित-मुस्लिम एकता में आयोजित...

वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि रामपुर से सपा प्रत्याशी मोहिबुल्लाह ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर फूल चढ़ाने से इनकार कर दिया।

3 चौराहे, 3 मूर्ति… राजस्थान के भरतपुर में बवाल, पत्थरबाजी और आगजनी

भरतपुर के नदबई में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की टीम पर पथराव किया गया। प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले दागे।

‘अंबेडकर के पोस्टर में मेरी फोटो क्यों नहीं छापी?’ – नरूद्दीन मुल्ला ने एक शख्स को हथौड़े से पीट-पीट कर मार डाला, पुणे पुलिस...

अंबेडकर की जयंती के अवसर पर लगाए गए होर्डिंग्स में अपनी तस्वीर नहीं छापने से नाराज दो लोगों ने एक शख्स को हथौड़े से पीट-पीट कर मार दिया।

अंबेडकर जयंती पर अल्लाह-हू-अकबर/इस्लाम जिंदाबाद के नारे, महिलाओं से छेड़खानी… राज ठाकरे को PFI की चेतावनी

महाराष्ट्र में अंबेडकर जयंती के जुलूस में दंगाइयों ने अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए और महिलाओं से छेड़खानी की। PFI ने राज ठाकरे को धमकाया।

पहले अंबेडकर पर बोलने को बुलाया, फिर लेडी श्रीराम कॉलेज ने मना कर दिया: दलित विचारक गुरु प्रकाश को BJP से जुड़े होने की...

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान को अम्बेडकर जयंती के अवसर पर दिल्ली के LSR कॉलेज में व्याख्यान देने से रोक दिया गया।

‘हिंदुओं को नापसंद करने के चलते मुसलमानों के पाले में खड़े होना बड़ी भूल होगी’ – कह गए थे आंबेडकर, पढ़िए

“इस्लाम में राष्ट्रवाद का कोई चिंतन नहीं है। इस्लाम में राष्ट्रवाद की अवधारणा ही नहीं है। वह राष्ट्रवाद को तोड़ने वाला मजहब है।” - आंबेडकर...

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

सरकार नहीं, मुल्ला-मौलवियों की बातें मानते हैं मुस्लिम: जमातियों की हरकतों से याद आई बाबा साहब की कही बातें

जमातियों की हरकतों को देखें तो आज यही पता चलता है। उन्होंने इस्लाम के नाम पर मेडिकल सलाहों को धता बताया और इस्लामी रीति-रिवाजों का अनुसरण करने के चक्कर में देश से पहले मजहब को रखा, जो आम्बेडकर की बातों को आज भी सत्य सिद्ध करती है।

‘क्रीमी लेयर’ और सामाजिक न्याय का अपहरण

अगर आरक्षण के प्रावधानों से पिछड़ों-दलितों-वंचितों का सशक्तीकरण होता है, तो उन लाभार्थियों की भावी पीढ़ियों को क्रीमी लेयर में शामिल करके भविष्य में आरक्षण लाभ से वंचित क्यों नहीं किया जाना चाहिए? ऐसा करने से ही आरक्षण जैसे संवैधानिक प्रावधान का लाभ त्वरित गति से नीचे तक पहुँचेगा और आरक्षण के क्षेत्र में भी 'ट्रिकल डाउन' की सैद्धान्तिकी सचमुच फलीभूत होगी।

बाबासाहब आजादी से पहले ही भाँप गए थे वहाबियों के खतरे को, चंद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने दबा दी थी उनकी आवाज

"मुस्लिमों के लिए हिंदू काफिर है। मुस्लिमों की दृष्टि में काफिर सम्मान के योग्य नहीं होता है, उसकी कोई सामाजिक स्थिति भी नहीं होती है। अत: जिस देश में काफिरों का शासन हो, वह स्थान म्मुस्लिमों के लिए दारुल-हर्ब है। ऐसी स्थिति में यह सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं बचती कि मुस्लिम गैर-मुस्लिम के शासन को स्वीकार नहीं कर पाएँगे। इसलिए भारत और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की पूर्ण अदला-बदली ही क्षेत्र में शांति व सौहार्द रख सकती है।''

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