MCU के 19 प्रोफेसरों व एक पूर्व कुलपति के ख़िलाफ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से 4 दलित हैं और 1 अनुसूचित जाति के हैं। सभी प्रोफेसरों पर धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड़यंत्र का आरोप दर्ज किया गया।
भारतीय जनता पार्टी ने इन विज्ञापनों के प्रसारण को रोकने की अपील की थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव की अध्यक्षता वाली कमिटी ने इन विज्ञापनों के प्रसारण की अनुमति को निरस्त करने का फैसला लिया है।
9 वर्षों तक जेल के सलाखों के पीछे रह चुकीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो अच्छे-अच्छों के रोंगटे खड़े हो गए। जब उन्होंने मीडिया के सामने आकर बताया कि उन्हें अपना 'अपराध' मानने के लिए किस तरह से टॉर्चर किया गया, तो सुननेवाले भी काँप उठे।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि जिस वक्त वो महिला साँस लेने के लिए रुकती है उस समय लोग उसे गालियाँ देना शुरू कर देते हैं। जबकि सभी लोग हो-हल्ला मचाने के साथ-साथ उसका उपहास उड़ा रहे हैं। इस वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति नाचता हुआ भी दिखता है।
कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के पास टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड के ₹3.52 लाख के शेयर हैं जिसके द्वारा CNBC-टीवी-18, CNBC आवाज, CNBC-टीवी 18 प्राइम HD, CNN-न्यूज 18, न्यूज 18 इंडिया और IBN लोकमत जैसे विभिन्न समाचार चैनल चलाए जाते हैं।
दिल्ली में एक बड़े नेता के क़रीबी के यहाँ से 230 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का पता चला है। टैक्स हेवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सुबूत भी मिले हैं। दिल्ली के पॉश इलाक़ों में कई बेनामी और अवैध संपत्ति का भी पता लगा है।
ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सूबेदार अरुण सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, इस वीडियो के वायरल होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस विभाग ने अरुण सिंह को सप्ताह भर के प्रशिक्षण के नाम पर लाइन हाजिर कर दिया है।
82 साल के पूर्व सांसद राम सिंह अहिरवार को अपना घर खर्च चलाने के लिए बीड़ी बनाने का काम करना पड़ता है और इस उम्र में भी वो इतने सक्रिय हैं कि साईकिल चलाकर लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं।
मान लीजिए किसी किसान पर 31 मार्च 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपए का ऋण है। अगर क़र्ज़माफ़ी योजना के तहत सरकार ने मार्च 2019 में वो ऋण अगर चुका भी दिया तो किसानों को 7% की दर से 14,000 रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे।
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।