बकौल निरुपम महाविकास अघाड़ी की सरकार अस्थिर है और यह लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार बेहद कमजोर विकेट पर खेल रही है और किसी भी वक्त गिर सकती है।
1659 में आदिलशाह ने छत्रपति शिवाजी के साम्राज्य को नष्ट करने के लिए 75000 सैनिकों की सेना के साथ अफ़ज़ल खान को भेजा। छत्रपति शिवाजी ने कूटनीतिक तरीके से अफजल खान को मार डाला। फिर उन्होंने आदिलशाही सल्तनत पर बड़े हमले शुरू करने के लिए अपने सैनिकों को संकेत दिया।
छत्रपति शिवाजी ने आधी रात को 300 सैनिकों के साथ हमला किया। उस वक्त लालमहल में शाहिस्ता खान के लिए 1,00,000 सैनिकों की कड़ी सुरक्षा थी। इस हमले से छत्रपति ने दुनिया को कमांडो ऑपरेशन की तकनीक दिखाई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ये आरोप लगाने से भी नहीं चूके कि केंद्र सरकार अपनी सारी शक्तियों का इस्तेमाल एक ख़ास अल्पसंख्यक तबके को निशाना बनाने के लिए कर रही है। पवार का मानना है कि देश के मुस्लिमों से ये साबित करने को कहा जा रहा है कि वो इस देश के नागरिक हैं या नहीं?
"मेरे पास अंग्रेजी और हिंदी दोनों संघीय भाषा में बोलने का अधिकार है। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैं भारत में रहना चाहती हूँ तो मुझे मराठी सीखनी पड़ेगी।”
“मेरा बेटा, जो पेशे से इंजीनियर है, ने करीब 10 साल पहले शादी की थी। अभी उसकी सात साल की बेटी है और हम उसकी देखभाल कर रहे हैं। पिछले साल वह मेरे बेटे के साथ डेनमार्क जाने वाली थी। एक दिन, उसके व्हाट्सएप ने काम करना बंद कर दिया और मेरे बेटे ने....."
जहाँ तक शौकत की बात है, इस घटना के बाद वो और भी ज्यादा फँस गया है। उस पर पुलिसकर्मियों ने और भी कई केस ठोक दिए हैं। उस पर पहले से जो मामले चल रहे थे सो अलग। घर के खाने को लेकर पुलिस से की गई अभद्रता का उसे अच्छा सबक मिला है।
विश्व हिंदू परिषद ने मुस्लिमों को आरक्षण देने पर चिंता जताते हुए कहा था, “शिवसेना से मुस्लिम तुष्टिकरण की उम्मीद नहीं की जा सकती।” रविवार (मार्च 1, 2020) की सुबह शिवसेना ने ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, “इस तरह का फैसला विचाराधीन नहीं है।”
अजित पवार खुलकर CAA के समर्थन में आ गए हैं, जबकि उनके चाचा शरद पवार इसका विरोध कर रहे। उद्धव CAA पर तो सहमत हैं लेकिन NRC-NPR पर इनकार कर रहे। अपने CM की लाइन से हटकर अजित पवार ने NRC और NPR के लिए भी समर्थन दे दिया है, वो भी बहुत ही राजनीतिक तरीके से!