पेट्रोल बम, एके-47, मानव बम और अत्याधुनिक हथियारों के बरअक्स एक स्वयंसेवक की लाठी यकीनन नाकाफी है, भले उसके मन में पहाड़ों सा साहस है लेकिन व्यवहारवाद यही कहता है कि बंदूक के आगे लाठी काम नहीं आती।
जामिया यूनिवर्सिटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर सुदर्शन न्यूज चैनल के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके के खिलाफ विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने के लिए कार्रवाई करने को कहा है।
"जब उनसे आईडी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दिखाने से मना कर दिया। वह यहाँ का माहौल बिगाड़कर धर्म के नाम पर खेल करवाना चाह रहे थे। हम यहाँ बरसों से रह रहे हैं। यहाँ सभी प्यार से रहते हैं यहाँ ऐसा कुछ नहीं है।"