जिस तरह से डिप्टी पुलिस कमिश्नर मिराज ख़ालिद के नेतृत्व में पुलिस ने CBI अधिकारियों को पकड़ कर गाड़ी के अंदर डाला और उन्हें थाने तक ले गई, उसे देख कर तानाशाही भी शरमा जाए।
पत्रकार महोदय शायद भूल गए कि कभी जिस पार्टी के 'वॉलंटियर' आप हुआ करते थे, उसके मुखिया जनता की सिम्पैथी और वोट बटोरने के लिए खुद को बनिया घोषित कर चुके हैं।
विजय माल्या ने स्विस बैंकों में उनके द्वारा रखे गए बैंक खातों से संबंधित दस्तावेजों को भारतीय अधिकारियों को प्रेषित करने के लिए जेनेवा के वकील के निर्णय को चुनौती दी थी।