रंजीत बच्चन मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे। सुबह की सैर के वक्त उनकी हत्या की गई। घटना में उनके भाई भी घायल हुए हैं। उनके हाथ में गोली लगी है। बीते साल लखनऊ में ही हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी।
शाहरुख ने बताया कि वह करीब 12 साल पहले असलम के पड़ोस में रहता था। तभी से असलम की बीवी से प्यार करता था। उसे पाने के लिए उसने असलम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
CAA समर्थन रैली पर मुस्लिमों ने हमला किया, जिसमें घायल हुए नीरज प्रजापति की रिम्स में मृत्यु हो गई। ऑपइंडिया ने उनके परिवार की मदद के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा लिया, जिसके बाद लोगों ने 15 लाख रुपए का अब तक सहयोग किया है। सोरेन सरकार ने कोई मुआवजा नहीं दिया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मृत महिला पर दबाव बनाकर लाया गया था या फिर वह अपनी मर्जी से आई थीं। पुलिस पूछताछ के लिए बॉयफ्रेंड शेजी खान की मेडिकल फिटनेस का इंतजार कर रही है। पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने त्रिची के सरकारी अस्पताल के बाहर हत्या के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन करते हुए आरोपितों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की। हालाँकि, पुलिस के आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने विरोध-प्रदर्शन वापस ले लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील को हडकाते हुए ये भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला दिखाएँ, जिसमें जेल के अच्छे आचरण के कारण फाँसी की सज़ा को कम किया गया हो।
7 लोगों की हत्या का आदेश देना बाला बुढ जब शेखी बघार रहा था, तब डीसी और एसपी उसके सामने झुक कर खड़े थे। उसने कहा- "ये सातों मारे गए लोग उत्पाती थे। हमें पाँच बंदूकें और दे दो, फिर खेल देखो।"
इससे पहले, 15 नवंबर 2019 को नाका के खुर्शीदाबाद स्थित पार्टी दफ़्तर पर उर्दू में लिखा धमकीभरा पत्र उन्हें पहले भी मिल चुका है। इस पत्र में पार्टी के महासचिव समेत अन्य हस्तियों को भी कमलेश तिवारी की तरह मार देने की धमकी दी गई थी।
ग्रामसभा में 9 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई। दो गायब हो गए। शेष 7 को बंधक बनाकर पीटा। फिर जंगल में ले जाकर हाथ-पैर बॉंध कर सिर कलम कर दिया। सभी शव बरामद करने में पुलिस को 21 घंटे लग गए।
अब्दुल शमीम और तौफिक की प्लानिंग सब-इंस्पेक्टर विल्सन की हत्या तक सीमित नहीं थी। इन दोनों ने 26 जनवरी को आत्मघाती हमले की योजना भी बना रखी थी। तमिलनाडु सरकार ने इनके व्यापक इस्लामी मॉड्यूल को देखते हुए केस की जाँच NIA से कराने की सिफारिश की है।