पुलिस ने इस बात की भी जानकारी दी कि क्रिकेटर की हत्या मामले में उस अज्ञात महिला के भी बयान दर्ज कर रही है जो उसके साथ घटना स्थल पर मौजूद थी। पुलिस को शक़ है कि क्रिकेटर की हत्या के लिए पहले से योजना बनाई गई थी।
लता ने रफीक को बताया कि उनके पति शहर से बाहर गए हुए हैं। इस पर रफीक ने लता से बहस करनी शुरु कर दी। थोड़ी देर में ये बहस इतनी ज्यादा बढ़ गई कि रफीक ने महिला को चाकू मारना शुरू कर दिया।
जाहिद ने मासूम का गला दुपट्टे से दबाया और फिर अपने घर मेंं भूसे की ढेर में छिपा दिया। तीन दिन बाद जब शव से गंध आने लगी तो शव को बाहर लाकर फेंक दिया। पुलिस को बरामद हुआ 'सोनम' का शव पूरी तरह सड़ चुका है।
खबरों के मुताबिक जब आतंकवादियों ने नगीना पर गोली चलाई, उस समय आतंकी उसके घर में घुसने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने आतंकियों को ढूँढने के लिए तलाशी अभियान चालू कर दिया है।
कर्नाटक की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया था जब गुरुवार (16 मई) दोपहर से लापता चल रहीं कॉन्ग्रेस नेता रेशमा पडकानुरा की लाश विजयपुरा के कोल्हर गाँव में कृष्णा नदी के किनारे जंगलों में शुक्रवार (17 मई) को सुबह क़रीब छह बजे मिली थी।
जामो थाना क्षेत्र में ही पुलिस और वसीम के बीच भिड़ंत हो गई। जिसमें दोनों ओर से गोलियाँ चली। इस दौरान वसीम के पैर में गोली लगी। जिसके बाद वसीम को घायल अवस्था में पुलिस ने गिरफ्तार करक लिया।
सलमान मलिक नामक मुख्य आरोपित को दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र से गिरफ़्तार किया गया। इससे पहले पुलिस बिलाल नामक आरोपित को शिकंजे में ले चुकी है, जिसनें तीन मासूमों के हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, सलमान 15 दिनों पहले बुलंदशहर आया था।
कथित अल्पसंख्यकों के पीड़ित होने पर बड़े-बड़े अक्षरों में उनके नाम प्रकाशित किए जाते है, लेकिन जब वही घटना बहुसंख्यक समुदाय के साथ होती है, तो हेडलाइन में बस 'दूसरे समुदाय' की बात लिख कर खानापूर्ति...
गिरफ्तार आरोपितों के नाम नसीम (झोलाछाप डॉक्टर), धर्मनाथ गुप्ता (पूर्व प्रत्याशी ग्राम प्रधान बरौलिया) और रामचंद्र (वर्तमान में बीडीसी) हैं। आरोपित वसीम और गोलू की गिरफ्तारी के लिए 10 लोगों को हिरासत में लेकर दबिश दी जा रही है।
पुलिस हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है, मगर फिलहाल इसके पीछे की वजह चुनावी रंजिश को बताया जा रहा है, क्योंकि सुरेंद्र सिंह अमेठी से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को शिकस्त देने वाली भाजपा नेता स्मृति इरानी के बेहद खास थे और स्मृति ईरानी के प्रचार में वो काफी सक्रियता से जुटे थे।