इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों और फिर हमारे मकानों को अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में कर लिया।
"वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि वह गजवा-ए-हिंद के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। गजवा-ए-हिंद को भारत में लाकर मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते हैं। हम उनको इस मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे।"
सुप्रीम कोर्ट ने भारत के 8 राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक घोषित करने वाली याचिका को खारिज करने के बाद इस मामले पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को आज एक छूट दी। कोर्ट ने कहा, "जिन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, याचिकाकर्ता उन राज्यों के उच्च न्यायालयों में अलग-अलग जाकर इस मामले पर अपनी गुहार लगा सकते हैं।"
"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."
मदरसे मजहबी तालीम के केंद्र हैं। अमूमन इसमें मुस्लिम समुदाय के बच्चे ही पढ़ते हैं। लेकिन, बंगाल में हिंदू बच्चों की तादाद भी अच्छी-खासी है और वह साल दर साल आश्चर्यजनक तौर पर बढ़ रही है। आखिर इसकी वजह क्या है?
राज्यों के धर्मार्थ विभाग कमाते तो मंदिरों से हैं, लेकिन उससे हज हाउस बनवाते हैं। ये वही पैसा है, जिससे मस्जिदों के इमामों को सैलरी दी जाती है। अगर उस करोड़ों की कमाई के बदले में सरकार किसी हिंदू देवी-देवता को ट्रेन में एक सीट दे देगी तो एहसान नहीं करेगी। और यह होना भी चाहिए।
मुस्लिम बहुल होने के बावजूद इंडोनेशिया की संस्कृति में रामायण रची-बसी है। यहॉं की रामलीला दुनियाभर में प्रसिद्ध है। ताजा रेगुलेशन का मकसद हिंदू उच्च शिक्षा को समर्थन और बढ़ावा देना है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि 15, 13, 13 और 12 साल की उम्र के चारों लड़कों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उन्होंने मंदिर से पैसे चुराने के लिए वारदात को अंजाम दिया था।
तब भी ऐसा ही मजहबी उन्माद था। इसी तरह के नारे और ऐसी ही साजिशें थी। उस समय इसकी आग में कश्मीर के हिंदू जले थे। आज नहीं चेते तो अगला नंबर आपका हो सकता है।
आरोपित मुस्लिम युवक द्वारा लड़की के अपहरण से गुस्साए संगठनों ने आरोपित के ख़िलाफ़ जमकर प्रदर्शन किया। इस घटना के विरोध में पूरे दिन बाजार बंद रहा। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल आरोपित के ख़िलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है।