एनएसए ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अराजकता नहीं भड़कने दी जाएगी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को खुली छूट दी गई है।
खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली है कि नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से 450 से 500 आतंकवादी राज्य में घुसने के लिए घात लगाए बैठे हैं। पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने की लगातार कोशिश कर रहा है। जिसे देखते हुए डोभाल ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट रहने और काउंटर इंफिल्ट्रेशन ग्रिड को मजबूत रखने का आदेश दिया।
अजीत डोभाल ने रूसी समकक्ष निकोलाई पेत्रुशेव से मुलाकात की। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बातचीत हुई। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने रूस के दौरे के मद्देनजर हुई। पीएम मोदी यहाँ 4-6 सितंबर को आयोजित होने वाले ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (EEF) में हिस्सा लेंगे।
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से डोभाल ने जम्मू-कश्मीर में ही डेरा डाल रखा था। उनके दिल्ली लौटने के बाद जम्मू-कश्मीर के मसले पर यह पहली शीर्ष बैठक है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद का यह मानना है कि एनएसए डोभाल से बातचीत करने के लिए कश्मीरियों को रुपए दिए गए। ट्विटर पर लोगों ने आजाद से पूछा की क्या कश्मीरी जनता बिकाऊ है? लोगों ने इसे न सिर्फ़ डोभाल बल्कि कश्मीर के लोगों का भी अपमान बताया।
कभी वो सड़क किनारे खाना खाते हुए दिखे तो कभी पुलिस से बात करते हुए अपना अतीत याद करते हुए दिखे। जनता से सीधा संवाद कर उन्होंने सबका दिल जीत लिया। जम्मू कश्मीर में NSA अजीत डोभाल का एक अलग ही रूप दिखा। देखें वीडियो।
गढ़वालियों में यह बहुत कॉमन है - फिर चाहे आप किसी अजनबी से ही क्यों न मिल रहे हों, यह पूछना तो बनता ही है कि "और आपका स्वास्थ्य-पानी सब ठीक है?" और ठीक इसी तर्ज पर डोवाल ने भी गाँव में मौजूद नाते-रिश्तेदारों का हाल-चाल जाना, सबको हाथ जोड़ शुभकामनाएँ दीं।
शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पैतृक गाँव घीड़ी स्थित बाल कुंवारी मंदिर पहुँचे। उन्होंने यहाँ लगभग एक घंटे तक परिवार के सदस्यों के साथ कुलदेवी बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर उनके हालचाल भी पूछे।
स्वनामधन्य न्यूज़ चैनल एनडीटीवी की वेबसाइट पर नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद ही बिजली की तेज़ी से यह विश्लेषण प्रकाशित किया गया कि मोदी ने अजित डोभाल के 'पर क़तर दिए।'