कहते हैं एक बिहारी सौ पर भारी। कहते तो यह भी हैं कि तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा। यहॉं तो 2.5 ही 20 करोड़ पर भारी पड़े। 1.5 ने तो 'आतंक के अन्नदाता' की उनके ही घर लैंड कर लंका लगाई। 1 ने वाया-मार्फत मंतर भेजा, क्योंकि विरोधी कहते हैं उसके आँत में दॉंत है।
"मोदी को UAE में मेडल मिला है तो आपको तकलीफ हो रही है। आप भीख माँगते फिर रहे हैं। आप बताएँगे कि आप उनके पाँव की जूती हैं तो वो आपकी इज्जत कैसे करेंगे?"
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी फ़ौज ने आम चुनाव में अपने हिसाब से हेरफेर किया। इमरान खान 'नया पाकिस्तान' का नारा देकर सत्ता में आए, लेकिन उनकी सारी बातें हवा-हवाई साबित हो रही हैं। इसका कारण बदहाल अर्थव्यवस्था है।
इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कम्पनी ने सेक्रेटेरिएट को नोटिस जारी कर बकाये बिल का भुगतान करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर बिजली काटने की चेतावनी दी गई है। कम्पनी का कहना है कि कई बार नोटिस भेजने के बावजूद पीएम दफ्तर ने बिल नहीं चुकाया है।
"पहले हम भारत को धमकी देते थे कि हम उससे कश्मीर छीन लेंगे, लेकिन इस नाकाम सरकार के चलते अब हालात ये हो गए हैं कि हमें मुजफ्फराबाद बचाने के लाले पड़ गए हैं।"
महात्मा गाँधी की हत्या के लिए भी इमरान ख़ान ने आरएसएस को ज़िम्मेदार ठहराया। इमरान ने कहा कि नेहरू की मृत्यु के बाद संघ की पकड़ मजबूत होती चली गई। उन्होंने दावा किया कि संघ हिन्दुओं के अलावा बाकी सभी लोगों को दोयम दर्जे का नागरिक मानता है।
इमरान खान का मानना है कि भारत कश्मीर में प्रोपेगेंडा फैलाते हुए फर्जी ऑपरेशन भी चला सकता है, जिससे कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई करने के लिए आधार मिल सके।