बीजेपी अल्पमत की सरकार बना सकती है, जैसा उसने 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद किया था। पिछले दिनों जिस तरह कर्नाटक और गोवा में कॉन्ग्रेस विधायक दल में टूट हुई थी, वैसा ही कुछ महाराष्ट्र में होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।
यूॅं ही नहीं कहते बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। 44 सीटें जीत चौथे पायदान पर रही कॉन्ग्रेस भी शिव सेना के साथ मिल सरकार बनाने के ख्वाब बुन रही है। जबकि 54 सीटें जीतने वाली उसकी साझेदार एनसीपी बार-बार कह रही कि हम विपक्ष में बैठेंगे।
“हम मानते हैं कि जनता ने हमें सरकार बनाने का आदेश नहीं दिया है। कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करना हमारी मजबूरी थी। अकेले चुनाव लड़ना संभव नहीं था। इस चुनाव में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, सीएम फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने काफी मेहनत की है।”
मुंबई के वर्ली में स्थित सीजे हाउस को लेकर जो डील हुई थी, उसमें हुमायूँ मर्चेंट का भी रोल था। सीजे हाउस को मिलेनियम डेवेलपर्स ने बनाया था और उसमें इक़बाल मिर्ची की बीवी हाजरा और उसके दोनों बेटों को संपत्ति दी गई थी।
ईडी को अब एक फ़ारूक़ पटेल की तलाश है, जिसने इक़बाल मिर्ची और प्रफुल्ल पटेल के बीच डील में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इक़बाल मिर्ची के साले मुक्तार पटका से पूछताछ के दौरान ईडी को फ़ारूक़ के बारे में पता चला।
प्रफुल्ल पटेल ने इक़बाल मिर्ची की पत्नी हाजरा के साथ हुए डील का बचाव करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ दशक में ऐसा कुछ भी नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि हाजरा मेनन के साथ डील नहीं किया जाना चाहिए।
एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अगर डील में कुछ भी संदिग्ध रहा होता तो उसी समय पकड़ में आ जाता, दरअसल 2004 में जो जमीन की डील हुई, वह भी हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप हुई। हजरा इकबाल मेमन और हमारे बीच जो डीड हुई, वह सारे वैध दस्तावेजों के साथ हुई।
अमित शाह ने विपक्ष के इन आरोपों को लेकर इनकार किया कि केंद्र सरकार चुनाव के समय गड़े मुर्दे उखाड़ रही है। उन्होंने पूछा कि पी चिदंबरम मामले के समय कौन सा चुनाव था? साथ ही उन्होंने पूछा कि जब अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकॉप्टर मामले में कार्रवाई की गई, तब कौन सा चुनाव था?