"कपिल सिब्बल ने हमें आश्वासन दिया था कि चैनल दो साल के लिए चलेगा, तो हम यहाँ आ गए। लेकिन अब करोड़ों कमाने के बावजूद चैलन हमें नियमानुसार तीन महीने की सैलरी देने से मना कर रहा है।"
कपिल सिब्बल के झूठे दावों की प्रामाणिकता पर कई सवाल भी उठाए गए, बावजूद इसके उन्होंने टीएनएन न्यूज़ पोर्टल के लेखों का उपयोग करते हुए एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। टीएनएन ने देश में बड़े पैमाने पर EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लाइव प्रसारण भी किए।
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि तुम्हें ज़मानत पर रिहा करने में कोई ख़तरा नहीं है सिवाए इसके कि तुम दोषी करार दिए जा चुके हो।
कॉन्ग्रेस भले ही जवानों की इस माँग को पूरा करने में विफल रही हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग में यह चीज तब से थी, जब वो पीएम नहीं बने थे। इस मंच से उन्होंने किया था कि सत्ता में आते ही देश के सैनिकों की याद में युद्ध स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।
सिब्बल ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि महर्षि राजग सरकार को बचाने की पूरी कोशिश करेंगे। सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी से नज़दीकी रखने वाले सभी अधिकारियों पर उनकी पैनी नज़र है।
कपिल सिब्बल और अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं की नज़र में सोनिया गाँधी ही उनकी देश है और सोनिया के ख़िलाफ़ कुछ लिखना राष्ट्रद्रोह। सिब्बल ने एक दशक पहले जो थूका था, अब उसे चाट लिया है।