अगर इस मामले को नेहरू द्वारा संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की बजाए सेना को पूरे कश्मीर पर फिर से क़ब्ज़ा करने की अनुमति दे दी जाती तो आज इतिहास कुछ और ही होता। जबकि हुआ ये कि संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष विराम की बात कह डाली और तभी से कश्मीर मुद्दा एक खुला घाव बन कर रह गया है।
ये वही जाकिर मूसा है जिसे सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था, उसके बाद से ही अंसार गजवातुल हिंद बदला लेने पर उतारू है। सुरक्षा बलों ने इन खुफिया इनपुट्स के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर चौकसी कड़ी कर दी है।
सत्यपाल मलिक ने कहा कि जन्नत के नाम पर युवाओं को बरगलाया जाता है कि हथियार उठाने पर वे जन्नत जाएँगे। उन्होंने कहा कि वास्तव में यहाँ के युवाओं के पास दो जन्नत हैं। एक तो खुद कश्मीर है और दूसरा वो जो वे एक अच्छा मुस्लिम बनकर बाद में हासिल करेंगे।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ-साफ दिख रहा है कि लश्कर के दोनों आतंकी एक और शख्स के साथ खड़े हैं। तीसरा शख्स शायद मस्जिद का इमाम हो सकता है।
मंत्रालय ने दावा किया है कि घाटी में इस साल 102 आतंकवादी मारे गए हैं। जबकि 286 आतंकी अभी भी सक्रिय हैं। गौरतलब है कि पदभार संभालने के बाद अमित शाह ने तुरंत जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक से मुलाकात की। इस मुलाकात में शाह ने राज्य में सुरक्षा स्थिति के बारे में जानकारी दी।
इस दूसरे कार्यकाल में इन आतंकियों को हीरो बनाने से रोकना एक प्राथमिकता होनी चाहिए। जिसने निर्दोषों को क़त्ल के लिए बंदूक उठा ली, वो मानव नहीं है। जो मानव नहीं है, उसके न तो अधिकार हैं, न परिवार।
लोकसभा चुनावों के लिए अनंतनाग से नामांकन दाखिल करने के दौरान उन्होंने धमकी दी है कि यदि भाजपा या किसी ने संविधान की धारा 370 हटाई तो जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान से अलग हो जाएगा।
आतंकी संगठन स्कूली बच्चों को नाबालिग होने की वजह से अपना स्लीपर सेल बना रहे हैं। स्कूली बच्चों पर किसी को शक नहीं होगा और ये पकड़े गए तो जुवेनाइल एक्ट में जल्द छूट जाएँगे, इन्हीं वजहों से इन बच्चों को आसान हथियार बनाया जा रहा है।