एनआईए ने बुधवार को बेंगलुरु दंगा मामले में 43 जगहों पर छापेमारी की और यह छापेमारी पीएफआई के पॉलिटिकल फ्रंट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के चार ठिकानों पर भी मारी गई।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बने गुपकार गुट की एकता में दरार पैदा हो गई है। डीडीसी चुनावों में उतरने जा रही कॉन्ग्रेस ने कई सीटों पर पीडीपी कैंडिडेट के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
“बिना लूट के कोई सुरक्षा की डील नहीं, बिना किक बैक के कोई सुरक्षा के संबंधित खरीदारी नहीं और इन सब में कहीं न कहीं कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं के नाम आते हैं, उनके व उनके परिवार से जुड़े लोग आते हैं।”
कॉन्ग्रेस पार्टी की हार के बाद कॉन्ग्रेस के दो लोगों को अपना मुंडन कराना पड़ गया। इन दो लोगों ने एक चैलेंज स्वीकार किया था जिसमें उनकी हार हुई थी, नतीजतन उन्हें ऐसा करना पड़ा।