कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।
जमात ने पिछले तीन सालों में कितना टैक्स भरा है, उसके बैंक खातों में कहाँ-कहाँ से कितने पैसे आए हैं, इसका विवरण माँगा गया है। इसके अलावा उन विदेशियों और भारतीय जमातियों की लिस्ट भी माँगी गई है, जिन्होंने 12 मार्च के बाद आयोजनों में शिरकत की थी।
"मेरे पिता में दो हफ्ते पहले कोरोना संक्रमण पाया गया। 1 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। अगले दिन उन्हें जला दिया गया। उनका शव पुलिस की देखरेख में एक गाड़ी में ले जाया गया जहाँ उन्हें जलाया गया। हम उनका जनाजा नहीं निकाल पाए।"
कासरगोड जिले के मडिक्की गाँव की अरई जुमा-मस्जिद में इमाम लॉकडाउन के बावजूद लोगों को नमाज पढ़वा रहा था। जिसकी सूचना मिलने पर नीलेश्वरम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मस्जिद के इमाम व एक अन्य को गिरफ्तार कर लिया। जिला कलेक्टर ने आईपीसी की धारा 269 के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
आरोपित जमाती मसूरी के रहने वाले हैं। ये मरकज में भी मौजूद थे। जाँच से पता चला है कि ये नर्सों को देख अश्लील इशारे करते थे और हँसते थे। समझाने की कोशिश भी की गई लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद नर्सों ने सीएमओ से शिकायत की।
देश भर में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की बाजी लगा कर ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन मुस्लिम बहुल इलाक़ों में उन पर हमले का सिलसिला थम नहीं रहा है। ये घटना शुक्रवार रात की है जब पुलिस लोगों को समझाने के लिए सड़कों पर निकली हुई थी।
गिरफ्तार आरोपितों ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने "समोसे वाली चाची" के उकसाने पर पथराव किया था। आरोपितों ने पूछताछ में कुबूला कि मुबारिक की अम्मी (समोसे वाली चाची) के घर में स्वास्थ्यकर्मी स्क्रीनिंग कर रहे थे, तभी चाची ने आवाज लगाई। इस पर भीड़ जुट गई। इसके बाद चाची ने डॉक्टरों को धमकाया और भीड़ को उकसाया। इसके बाद पथराव शुरू हुआ।
अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।
हरिद्वार जिले के गैंडीखाता गुज्जर बस्ती में बड़ी संख्या में जमातियों को देखा गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे गाँव को ही सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी लोगों के सैंपल लेकर जाँच के लिए भेज दिया है। गाँव के बाहर कैंप लगाकर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।