मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि EVM वोटिंग नहीं करता, बल्कि मतदाता करते हैं। इसलिए EVM की विश्वसनीयता पर संदेह करने का कोई कारण ही नहीं है। जब भी चुनाव आते हैं तो EVM को लेकर राजनीतिक दल सवाल उठाने लगते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उठने वाले सवालों के जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि EVM मशीन को बेवजह ही फुटबॉल बना दिया गया है। आगामी लोकसभा चुनाव EVM मशीन के माध्यम से ही सम्पन्न होंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किसी व्यक्ति अथवा संस्था की ओर से आने वाली फोन कॉल से स्थानीय नागरिकों को सावधानी बरतने के साथ हेल्पलाइन नंबर 1950 पर फोन करने की सलाह दी।
चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के सेक्शन 126 में संशोधन करके इसका दायरा सोशल माडिया, इंटरनेट, केबल चैनल्स और प्रिंट मीडिया के ऑनलाइन संस्करणों तक बढ़ाने की बात कही है।
अपने एक लाइव प्रसारण में सैयद शूजा नाम का यह व्यक्ति बता रहा था कि उसने 2009 से लेकर 2014 तक ECIL के लिए काम किया था और उस पर 4 दिन पहले हमला किया गया था।
यह प्रसारण यूरोप में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (IJA) की तरफ से आयोजित किया गया था, जिसमें एक भारतीय मूल के अमेरिकी साइबर एक्सपर्ट सैयद शूजा को बुलाया गया था।
बहुमत के साथ बीजेपी सरकार जब भी चुनाव जीतती है तब ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा गर्माने लगता है, लेकिन जब चुनावों में कोई अन्य सरकार जीतती है तो ईवीएम पर बात तक नहीं की जाती