"यह (प्रशांत किशोर) आदमी भरोसेमंद नहीं है। वह मोदी जी और नीतीश जी का भरोसा नहीं जीत सके। वह AAP के लिए काम करते हैं, राहुल गाँधी से बात करते हैं, ममता दीदी के साथ बैठते हैं। कौन उन पर भरोसा करेगा?"
लोकसभा चुनावों के नतीजे आने पर जब मोदी सरकार 2.0 की एनडीए कैबिनेट बनाने की कवायद शुरू हुई, तो जदयू ने सरकार में शामिल होने से इंकार कर दिया था। तब केसी त्यागी ने ही इसे 'अंतिम निर्णय' बताया था लेकिन आगामी बिहार विधान सभा चुनाव को देखते हुए...
उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी को निर्दलीय कर्णजीत सिंह से शिकस्त खानी पड़ी। बावजूद इसके जदयू विधायक श्याम बहादुर ने पार्टी की हार का जश्न कर्णजीत सिंह के साथ मिलकर मनाया।
जब सुशासन की ही पोल खुल चुकी हो तो उसके बड़बोले मंत्री के दावों पर गौर करना बेमानी है। लेकिन, यह सियासत है। और वो भी बिहार की, जिसके समीकरण दिल्ली से ही तय होने हैं। लिहाजा हर ट्वीट के पीछे का गणित समझना जरूरी हो जाता है।
बढ़ती जनसंख्या पर आई यूएन की रिपोर्ट से चिंतित गिरिराज सिंह ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "बढ़ती जनसंख्या और उसके अनुपात में घटते संसाधन को कैसे झेल पाएगा हिंदुस्तान? जनसंख्या विस्फोट हर दृष्टिकोण से हिंदुस्तान के लिए खतरनाक।"
नीतीश कुमार ने भी पिछले दिनों अपना रुख दोहराते हुए कहा था कि उनका विचार है कि अनुच्छेद 370 समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह, समान नागरिक संहिता किसी के ऊपर नहीं थोपी जानी चाहिए और अयोध्या राम मंदिर का मुद्दा या तो संवाद के जरिए सुलझाया जाए या फिर अदालत के आदेश के जरिए।
11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था।
मणिपुर गए बिहार के विधायकों की लड़की संग डांस करने वाली वीडियो सामने आई है। विधायकों की इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन जाँच पड़ताल से पता चला कि यह वीडियो फेक है।
पार्टी में ही इस तरह से खुलेआम विरोध को देखते हुए जदयू का अपने इन बागी नेताओं पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। अब देखना यह है कि लोकसभा चुनाव के बाद क्या होता है।
सूत्रों के अनुसार लोजपा ने छः लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट की मांग की थी जिसे भारतीय जनता पार्टी ने मान लिया है। वहीं भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। नीतीश कुमार के दिल्ली पहुँचने के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी।