मुश्ताक ने कहा कि उन्हें मंदिर से बहुत समस्या हैं। वह हिंदुओं को पूजा करते हुए मंदिर में नहीं देख सकते। अगर उनके इलाके में ये बना तो वो लोग उसे जला देंगे।
"मेरे स्टूडियो में पाकिस्तान का झंडा लेकर आएँगे? किसी की औक़ात है? अगर लगाएँगे न, तो आपके पिछवाड़े में भी वहाँ पता चलेगा। ये अनुच्छेद-370 वाली आपकी सरकार नहीं है कि आप पाकिस्तान का झंडा लहराएँगे यहाँ।"
कश्मीर में आतकंवाद और अलगाववाद की जननी और पोषक कही जाने वाले प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के चार पूर्व नेताओं ने चुनावी दंगल में उतरते हुए बतौर निर्दलीय अपना-अपना नामांकन जमा कराया।