विरोध इतना बढ़ गया कि लोगों ने देखते ही देखते कोरोना संदिग्धों को लाने गई चार एंबुलेंस और उसकी सुरक्षा में कई पीसीआर वैन और स्वास्थ्य कर्मियों पर ईंट-पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। एक एंबुलेंस को तोड़ दिया गया। हिंदपीढ़ी के लोगों का आक्रामक रूप देख कर एंबुलेंस ड्राइवर अनिल और भेंगरा ने थाने में जाकर अपनी जान बचाई।
ठगों ने पीएनबी और यूनियन बैंक में दो फर्जी खाते खोले। हजारीबाग के करीब 200 लोगों ने इन खातों में यह समझ कर पैसा जमा किया कि वे पीएम रिलीफ फंड में दान दे रहे हैं। इन खातों में जमा राशि को ठग अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।