22 सितंबर को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया था। तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी।
क्योंकि चुनाव आने में अभी थोड़ा समय है और बलात्कारी जब अपने ही जात-बिरादरी के हों, तो उनके बारे में लिखने पर क्या पता नरक-वरक जाना पड़ जाए, या कोई पूछ ले कि क्या इसी दिन के लिए अवार्ड दिया था? क्या इसी दिन के लिए तुम्हें भीड़ दे कर खड़ा किया था, तुम्हें नेता बनाया था?
पुलिस के दावे के मुताबिक जाँच के दौरान पाया गया कि कोई भी दलित परिवार गाँव नहीं छोड़ रहा है। पत्रकारों ने रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ की। दलितों ने अपने घर के आगे 'घर बिकाऊ है' का बोर्ड पत्रकारों की सलाह पर ही लगाए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्तों पर चल रहा 302 का हत्या का मुकदमा भी आईपीसी की धारा 304 खंड II (गैर-इरादतन हत्या) का कर दिया। उम्र कैद को बदल कर अब तक जेल में बिताए हुए समय के बराबर कर दिया।
केरल के एक ईसाई युवक की हत्या के मामले में उसके लिए 'दलित ईसाई' शब्द के इस्तेमाल पर The News Minute पोर्टल की सम्पादक धन्या राजेंद्रन को ट्विटर पर लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। राजेंद्रन ने केविन पी जोसेफ़ की हत्या के मामले में खबर शेयर करते हुए कहा था कि ‘दलित ईसाई’ युवक की हत्या में दस लोगों को दोषी पाया गया है।
एक ओर पुलिस का दावा है कि इस हिंसा में 90 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, और दूसरी ओर आरोपित चंद्रशेखर का कहना है कि वह अंबेडकर के संविधान को मानते हैं और हिंसा में विश्वास नहीं करते। यह उन्हें फँसाने की साजिश है।
राजस्थान के अलवर में दलित युवक हरीश जाटव की बाइक से एक महिला को टक्कर लग गई थी। महिला के परिजनों ने पिटाई से उसकी मौत हो गई। पुलिसिया जॉंच से परेशान होकर हरीश के पिता ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस मॉब लिंचिंग के मामले को एक्सीडेंट साबित करने पर तुली है।
इन लोगों से ये वादा किया गया कि इन्हें स्थायी नागरिक का दर्जा दिया जायेगा। मगर इस स्थायी नागरिकता के साथ शर्त ये थी कि आने वाले परिवार और उनकी आगे की पीढियाँ सिर्फ सर पर मल ढोने का काम ही करेंगी। और वो शर्त आज भी लागू है।
"विधायक गीता गोपी के खिलाफ जातिवादी भेदभाव चौंकाने वाला है। यह आपराधिक और बेहद निंदनीय है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस स्थान पर गाय का गोबर-मिश्रित पानी डाला, जहाँ लोकतांत्रिक ढंग से विरोध-प्रदर्शन किया गया।"