ईडी ने न्यायाधीश चंद्रशेखर के सामने कहा कि कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
तिवारी ने सीएम के बयान पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्या केजरीवाल दिल्ली में रह रहे देश के अन्य हिस्से के लोगों को विदेशी मानते हैं? तिवारी ने दावा किया कि अरविन्द केजरीवाल अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
अपने माता-पिता के साथ इसी साल 14 मई को पाकिस्तान से आए तीन बच्चों के भविष्य पर मॅंडरा रहा संकट। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल ने 5 जुलाई को उन्हें एडमिशन दिया। 8 जुलाई से क्लास अटेंड करने की इजाजत भी मिली। लेकिन, 14 सितंबर को स्कूल से यह कह कर निकाल दिया गया कि उनकी उम्र ज्यादा है।
रचना ने जावेद और उसकी पत्नी पिंकी को घर के बाहर बहस करते सुना। उसने जावेद और पिंकी को बुलाकर उन्हें शांत कराने और विवाद सुलझाने की कोशिश की। तभी जावेद ने पिस्तौल निकाली और हवा में फायरिंग कर दी। रचना को लहू लुहान देख वह फरार हो गया।
अमानतुल्लाह खान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले साल दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ सीएम के आवास पर हुई मारपीट में भी कथित तौर पर शामिल थे। सिग्नेचर ब्रिज के एक कार्यक्रम में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ धक्का-मुक्की का आरोप भी उन पर है।
इस अस्थायी कोर्ट के लिए दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि विशेष जज धर्मेश शर्मा की अदालत पीड़िता का बयान रिकॉर्ड करेगी।
स्कूलों की पोल तब खुली, जब पैरेंट्स एसोसिएशन ने एक आरटीआई दाखिल की। 2000 से अधिक स्कूलों में फायर एनओसी का न होने का मतलब है कि 2 लाख बच्चे ख़तरे की जद में आ जाते हैं। दिल्ली सरकार किस अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठी है?
"केजरीवाल सरकार डेंगू के मच्छरों को मारना चाहती है, लेकिन बीजेपी वाले खुद डेंगू बनकर इस अभियान को मारना चाहते हैं। इसी नीयत से एमसीडी ने एक डाटा जारी कर बताया है कि डेंगू के लार्वा दिल्ली सरकार के स्कूलों और दफ्तरों में मिले हैं।"
वीरेंदर उर्फ़ काले को मार गिराने की इस वारदात में 10 से अधिक अपराधी शामिल थे। हत्या करने के बाद सभी अपराधी भाग निकले। हमलावरों का सुराग पाने के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खँगाल रही है।
वैसे यह पहली घटना नहीं है, नया मोटर व्हीकल एक्ट-2019 लागू होने के बाद दिल्ली में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। इससे पहले गुरुग्राम में 15 हजार की स्कूटी का 23000 रुपए का चालान कर दिया गया था।