डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने कई विषयों पर बातचीत की। CAA के सवाल पर डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने हुए कहा कि धार्मिक आजादी पर भारत अच्छा काम कर रहा है।
ट्रंप और मोदी की बैठक में तकनीक और रक्षा जैसे अहम मसलों पर चर्चा हुई। रक्षा डील के अंतर्गत भारत को अपाचे और एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर मिलेंगे, जो दुनिया में सबसे उत्तम तकनीक वाले हेलीकॉप्टर हैं। दोनों देशों के बीच कुल तीन करार पर हस्ताक्षर हुए हैं।
साबरमती आश्रम में जब ट्रंप पीएम मोदी और भारत की शान में कसीदे पढ़े रहे थे, उससे पहले नेशनल हेराल्ड ने एक लेख छाप देश को नीचा दिखाने की पूरी कोशिश की। इसके मुताबिक, भारत पहला गरीब देश है जिसकी यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति आए हैं।
"सरकार को संविधान के अनुसार इसके प्रारूप में परिवर्तन करने होंगे। संविधान में स्पष्ट है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती। जब उद्धव पूरे कानून को ध्यान से पढ़ेंगे तब उन्हें समझ आएगा कि NPR और NRC में बहुत फर्क नहीं है। एक बार आप NPR पर सहमत हुए तो NRC को नहीं रोक पाएँगे।"
डोनाल्ड ट्रम्प के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के लिए राष्ट्रपति भवन में अधीर रंजन चौधरी और गुलाम नबी आजाद को बुलाया गया। लेकिन अधीर रंजन को गुस्सा इस बात से आया कि उन्हें तो बुलाया पर उनकी मैडम सोनिया जी को क्यों नहीं बुलाया!
हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
"राम मंदिर निर्माण में अगर और भी जमीन की जरूरत होगी तो जमीन ली जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को लिखा जाएगा। जो पत्थर राम मंदिर के लिए रखे गए हैं, उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल निर्माण के लिए किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो और भी पत्थर मँगाए जा सकते हैं।"
शाहीन बाग़ के लोग तो अब मनुवादी होते हुए कह रहे हैं, "हम देवता हैं, आकर हमारी पूजा करो तो हम मान जाएँगे। लेकिन आकर पूजा तो करो।" और प्रधानमंत्री के समर्थक उन्हे बार बार कह रहे हैं, "बुलाती है, मगर जाने का नहीं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को दिल्ली के राजपथ पर हुनर हाट पहुँचे। इसकी जानकारी अपने ट्विटर एकाउंट पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वो हुनर हाट में न सिर्फ कई कलाकारों से मिले बल्कि वहाँ उन्होंने लिट्टी-चोखा खाया और कुल्हड़ में चाय भी पी।
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।