ट्विटर पर भाजपा की ओर से 5 साल में मोदी सरकार के दौरान देश में हुए बदलावों पर तथ्यों को साझा किया गया, जिनमें बताया जा रहा है कि UPA सरकार के दौरान यानि, 5 साल पहले क्या हालात थे और अब क्या हैं।
वर्ष 2003 में अपनी शुरुआत से ही लेकर वाइब्रेंट गुजरात समिट ने एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाई है जिसकी बदौलत कई अन्य राज्य भी अपने यहाँ व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस तरह के शिखर सम्मेलनों के आयोजन के लिए प्रेरित हुए।
“कॉन्ग्रेस ने एक तरफ जहाँ देश को राजीव गांधी, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के रूप में चार गाँधी दिए हैं। वहीं बीजेपी ने भी मोदी दिए हैं- नीरव मोदी, ललित मोदी और अंबानी की गोद में बैठा नरेंद्र मोदी”
एक ख़ास वर्ग इस देश में, विशेषकर 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से सक्रिय हुआ है, जिसका प्रथम उद्देश्य अपने प्रधानमंत्री को सिर्फ इसलिए नीचा दिखाने का है क्योंकि वो उनकी विचारधारा से अलग विचार रखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि UDF और LDF, दोनों एक ही सिक्के के 2 पहलू हैं, ये दोनों नाम में भले ही भिन्न हों लेकिन भ्रष्टाचार, जातिवाद और साम्प्रदायिकता में दोनों एक समान हैं।
13 किलोमीटर लम्बे कोल्लम बाईपास के उद्घाटन के साथ, कोच्चि और अलाप्पुझा से NH-66 पर जाने वाले लोग कोल्लम शहर में प्रवेश किए बिना तिरुवनंतपुरम की ओर बढ़ सकते हैं।
PM मोदी ने नमो ऐप पर एक सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे में यह पूछा गया है कि आप मोदी सरकार को किस तरह रेट करना चाहेंगे। इसमें ख़राब (Poor) से लेकर उत्कृष्ट (Excellent) तक का विकल्प है