पाकिस्तानी सेना, इस्लामी कट्टरवाद और आतंक की दूकान चलने वालों का धंधा अब मंदा पड़ने लगा है। आतंक की इसी बुझती हुई आग को हवा देने की कोशिश थे जम्मू के ये ड्रोन हमले।
“मैं एक सीधी-सादी लड़की हूँ, लेकिन मेरे पति पहले से ही शादीशुदा हैं। वह अपनी पहली पत्नी को मना लेंगे, फिर हम एक हफ्ते के भीतर उनके नाम और अपनी शादी का ऐलान कर देंगे।”
डॉक्यूमेंट्री का शीर्षक- 'द बिजनेस विद टेरर' है। इसमें बताया गया है कि आखिर यूरोप में हुए आतंकी हमलों में फाइनेंसिंग, प्लॉनिंग और कमीशनिंग कहाँ से हुई।