"सार्वजनिक परिवहन और सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से बदलने का गडकरी का आइडिया शानदार है। क्या परिवहन मंत्री आकर इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक की योजना की जानकारी दे सकते हैं?"
याचिका में महात्मा गॉंधी का भी हवाला दिया गया है। कहा गया है, "गॉंधी जी कहते थे कि कोई भी फैसला लेने से पहले गरीब के बारे में सोंचे। सोंचे कि आपका फैसला कैसे उस व्यक्ति की मदद करेगा। आप ऐसा करेंगे तो आपके भ्रम दूर हो जाएँगे।"
इस मामले में कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी नोटिस जारी किया है। अपने नोटिस के ज़रिए कोर्ट ने लोगों को पीने का साफ़ पानी और साफ़ हवा मुहैया न करा पाने पर मुआवज़ा देने की बात भी कही है।
इसे झेलने वाले यूज़र ने अपने खुद के अनुभव से बताया कि कैसे नाले और सीवर का यह पानी घरों में पानी पहुँचाने वाले पाइप के ज़रिए टंकी तक में भर जाता है। यह पानी एकदम गन्दा, दुर्गन्ध वाला और काला होता है।
लोग बीमारियों से न मरें इसके लिए उन्होंने इस आदत को तबतक जारी रखा जबतक कि 1919 में इससे फैली महामारी का अंत नहीं हो गया। 1923 के भयानक भूकंप ने कई लोगों की जिंदगियों को उजाड़ कर रख दिया।
बीजेपी सांसद ने कहा, अनुबंध में बंधे होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाया। दिल्ली में पानी की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल पर साधा निशाना।
अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह चाहेगी कि दिल्ली सरकार उसे समझाए कि दोपहिया वाहनों, तीनपहिया वाहनों और टैक्सियों के मुकाबले कम प्रदूषण करने वाली कारों को रोककर वह क्या हासिल कर रही है।