स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार को इन विदेशियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी लेकिन कुछ लोगों की मदद से इन लोगों को धार्मिक स्थल की आड़ में छिपाया गया। इन लोगों ने अपनी मेडिकल जाँच भी नहीं करवाई और बिहार में घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार करते रहे।
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राजस्थान, उड़ीसा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड ने पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, नागालैंड और केरल में भी आंशिक लॉकडाउन किया गया है। वहीं पश्चिम बंगाल और दिल्ली में सोमवार (मार्च 23, 2020) शाम से लॉकडाउन की घोषणा की गई है।
बिहार में अब तक कोरोना के दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि राज्य में हाल में विदेश से 520 लोग लौटे हैं। इसके कारण आशंका जताई जा रही है कि कोरोना के और भी मरीज हो सकते हैं, जिन्हें आइसोलेट कर इलाज किए जाने की ज़रूरत है।
गया-पटना हाइवे के किनारे बारा गाँव के पास संविधान बचाओ-देश बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सीएए के खिलाफ चल रहे धरने के पास बुधवार देर शाम को पाँच बाईक सवार आरोपितों ने अचानक से हवाई फायरिंग कर दी। गोली आवाज सुनते ही धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
"पाँच साल पहले सरकार ने कहा था कि दो महीने में ही हम सेवा शर्त नियमावली ला देंगे। शिक्षकों के पाँच वर्ष बीत गए पर सरकार के दो महीने पूरे नहीं हुए। यह है सरकार! शिक्षक कुछ और नहीं माँग रहे, यही सेवा शर्त नियमावली माँग रहे हैं। शिक्षक स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहे हैं। नीतीश कुमार को समय क्षमा नहीं करेगा।"
लोकसभा चुनाव के वक्त सार्वजनिक तौर पर कहा गया था कि राज्यसभा चुनाव के वक्त राजद अपने कोटे की एक सीट कॉन्ग्रेस को देगी। लेकिन, अब उसने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। ऐसा कॉन्ग्रेस के वादा याद दिलाने के बावजूद किया गया है।
तजाद्दीन ने गैंगरेप का विडियो भी शूट किया। कई महीनों तक पीड़िता इंसाफ के लिए भटकती रही। आखिरकार सोमवार को उसका मामला दर्ज किया गया। आरोपितों की धर-पकड़ के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अरविन्द यादव और उसके परिवार के सदस्यों की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी हुआ। इसके तहत एक ट्रक और लगभग 14 एकड़ जमीन कुर्क किए गए। ट्रक की कीमत 11 लाख रुपए, जबकि जमीन की कीमत 11 करोड़ रुपए से ज्यादा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में तेजप्रताप यादव को भीड़ ने नारे लगवाते साफ देखा जा सकता है। वे पूछते हैं-' 2020 में किसका वध होगा' और लोग कहते हैं कि 'नीतीश का'।
सहरसा स्टेशन पर तेज प्रताप यादव के काफी समर्थक अपने नेता का इन्तजार कर रहे थे। लेकिन, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके नेता की ट्रेन छूट गई है तो वे मायूस होकर लौट गए।