लेनदेन के विवाद को मुर्शीद ने एनआरसी और सीएए से जोड़ दिया। इसके बाद कट्टरपंथी हिंसा पर उतर आए। मस्जिद से भी पथराव किए जाने की बात स्थानीय लोगों ने कही है।
सरस्वती मूर्ति विसर्जित करने जा रहे लोगों से मुस्लिम युवकों ने डीजे को बंद करने को कहा। डीजे बंद नहीं करने पर फायरिंग की। जब जुलूस में शामिल लोग भागने लगे तो उन पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया।
दरभंगा मॉड्यूल! शुरुआत इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर यासीन भटकल ने की। NIA ने दरभंगा मॉड्यूल में जाकिर नाइक का भी कनेक्शन बताया था। चुपके-चुपके इसका विस्तार पूरे मिथिलांचल में हो रहा है।
पटना में जिस जगह हिंसा भड़की उसके करीब ही सब्जीबाग है। यहॉं दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। उपद्रवियों ने वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया।
"यह (प्रशांत किशोर) आदमी भरोसेमंद नहीं है। वह मोदी जी और नीतीश जी का भरोसा नहीं जीत सके। वह AAP के लिए काम करते हैं, राहुल गाँधी से बात करते हैं, ममता दीदी के साथ बैठते हैं। कौन उन पर भरोसा करेगा?"
उसके चाचा अरशद इमाम ने कहा है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के लिए उनके भतीजे का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं शरजील की अम्मी ने कहा है कि मेरा बेटा निर्दोष है। परिवार ने कहा कि उन्हें संविधान पर पूरा भरोसा है।
शरजील ने लोगों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकेन्स नेक) को ब्लॉक कर के पूरे उत्तर-पूर्व को शेष भारत से अलग-थलग करने के लिए भड़काया था और अपनी 'टुकड़े-टुकड़े' वाली मानसिकता का परिचय दिया था। उसे बिहार के जहानाबाद से गिरफ़्तार किया गया।
शरजील की लास्ट लोकेशन पटना में मिली है। बिहार पुलिस को शक है कि वो बॉर्डर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में हो सकता है। इस संभावना को देखते हुए बिहार-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है। शरजील की माँ अपने बेटे को मीडिया के माध्यम से कह रही है कि वो सरेंडर कर दे लेकिन...
शरजील इमाम दिवंगत जदयू नेता अकबर इमाम का बेटा है। हालाँकि, अभी उसका पूरा परिवार पटना रह रहा है। शारजील इमाम आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साईंस में ग्रेजुएट है। उसके पिता अकबर इमाम जेडीयू की ओर से विधानसभा चुनाव में उतरे थे, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।