विवाद को देखते हुए कॉलेज ने बुर्का से जुड़ा निर्देश वापस ले लिया है। कॉलेज ने पहले ड्रेस कोड में आने का निर्देश देते हुए कहा था कि परिसर और क्लासरूम में बुर्का का प्रयोग वर्जित है। इसको लेकर कुछ छात्राओं ने आपत्ति जताई थी।
जावेद के कोचिंग में पीड़िता पढ़ने जाती थी। बुधवार को जावेद उसे दबोच कर कमरे में ले गया। इसके बाद शिक्षक मेराज और छात्र आरिफ के साथ मिलकर तब तक दुष्कर्म किया, जब तक वह बेहोश नहीं हो गई।
नीतीश ने अब बागियों को अल्टीमेटम दे दिया है। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि कुछ लोगों के बयान के आधार पर हंगामा मचाना ठीक नहीं है क्योंकि जदयू ने अपना रुख साफ़ कर दिया है। जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार ने कहा कि वो किसी के भी बयान से प्रभावित होने वाले नहीं हैं।
पीड़िता बीते साल ईद के त्यौहार पर ससुराल गई, तो पति ने उसे वहीं छोड़ दिया। उस वक्त ससुर पीड़िता को अकेला देखकर कभी देर रात रूम पर आ जाते, तो कभी बाथरूम में कपड़े धोते वक्त पीछे खड़े रहते। इतना ही नहीं ससुर मुझे अपना जूठा खाना खाने को कहते औऱ बोलते थे कि मेरा जूठा खाओगी तो मुझसे मुहब्बत हो जाएगी।
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में कई लड़कियों का कथित रूप से बलात्कार और यौन उत्पीड़न किया गया था और टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के बाद यह मामला सामने आया था। इसके बाद मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
विधायक फराज फातमी ने न केवल पार्टी के स्टैंड का विरोध किया है, बल्कि नीतीश कुमार को राज्य का सबसे बड़ा चेहरा भी बताया है। उन्होंने कहा, "बिहार में नीतीश कुमार से बड़ा कोई चेहरा नहीं है। 2020 में भी वही सरकार बनाएँगे।"
सोनु को पता चला कि नीतीश कुमार के शिक्षा विभाग ने खुद बताया है कि बिहार पुलिस के पेपरों के उत्तर परीक्षा से पहले ही वॉट्सऐप पर आ गए थे। इसके बाद वो निराशा में मुख्यमंत्री से फॉर्म भरने के पैसे और उनका 3 दिन का समय वापस करने की माँग कर दी।
हाजीपुर स्टेशन से गुजर रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी अभ्यर्थियों का ग़ुस्सा फूटा। इस दौरान उन्होंने ट्रेन पर जमकर पत्थरबाज़ी की। इससे ट्रेन के शीशे टूट गए और उसमें सवार यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अक्षय प्रीतमदास भाटिया, मनीष आडवाणी... जैसे कई नामों के सहारे एजाज करीब 22 साल तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आँख में धूल झोंकता रहा। इस दौरान उसने नाम ही नहीं बदले। रूप-रंग और जीवनशैली भी नाम के अनुसार बदली।