कुछ पीड़िताओं ने ये भी खुलासा किया है कि ये गैंग उनका ब्रेनवॉश करती थी। उन्हें बुर्का पहनने को, रोजा रखने को मजबूर करती थी और निकाह व धर्मांतरण का दबाव बनाती थी।
पीड़िता के अनुसार, उसे जबरन पोर्न दिखवाया जाता था। बात न मानने पर कार में पीटा जाता था। गले पर छुरी रखकर धमकी दी जाती थी। धर्म बदलकर शादी करने के लिए दबाव डाला जाता था।
आरोपित छात्राओं पर धर्मांतरण, निकाह का दबाव बनाते थे और आए दिन पैसे भी माँगते थे। जब ये डिमांड और ब्लैकमेलिंग ज्यादा बढ़ने लगी, तब एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देने का निर्णय लिया।
फिरोज अब राहुल बन गया है जबकि इमरान का नाम अब ईश्वर है। आदिल को आदित्य नाम दिया गया है जबकि मुस्तफा को मारुति नंदन के नाम से अब लोग जानेंगे। इनलोगों ने जीवन की नई शुरुआत की है।
एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने खुद लाठी लेकर उपद्रवियों को खदेड़ा। उन्होंने कहा, "स्थिति सामान्य है, पुलिस तैनात है। असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी।"