नीरव मोदी PNB से जुड़े दो अरब के धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे हैं। नीरव को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहाँ उनके ख़िलाफ़ अगले साल मई में मुक़दमें की सुनवाई शुरू होगी।
“हमें बाद में जानकारी मिली कि मेहुल चोकसी एक धोखेबाज है, वह हमारे देश की बेहतरी के लिए कतई उपयोगी नहीं है। उसकी अपील समाप्त होने के तुरंत बाद उसे निर्वासित कर दिया जाएगा, भारतीय अधिकारी जाँच करने के लिए स्वतंत्र हैं।”
एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि मेहुल चोकसी को पहले एंटीगुआ की नागरिकता मिली थी, लेकिन अब इसे रद्द किया जा रहा है और भारत को प्रत्यर्पित किया जा रहा है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वो अपने देश को अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देंगे।
चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी के ख़िलाफ़ $200 करोड़ से भी अधिक की धोखाधड़ी का मामला चल रहा है। सरकारी एजेंसियाँ मामले की जाँच कर रही है। मामला पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ा है।
चोकसी ने अपनी भारतीय कंपनियों – ‘गीतांजलि जेम्स’, ‘गिल इंडिया’ और ‘नक्षत्र’ के बढ़े हुए आयात संबंधी दस्तावेज़ प्रस्तुत करके पीएनबी बैंक को धोखा दिया है।
केंद्र सरकार सिर्फ विजय माल्या ही नहीं बल्कि 58 अन्य भगोड़ों के भी प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी है। सरकार ने उन सभी भगोड़ों की धड़-पकड़ के लिए अलग-अलग देशों में इंटरपोल के रेड कार्नर नोटिस जारी करने में सफलता पाई है।