पंजाब में गहराए राजनीतिक संकट के बीच मीडिया गिरोह राहुल गाँधी की छवि बचाने के लिए सीमावर्ती राज्य को लेकर व्यक्त की जा रही हर चिंता को सिरे से नकार रहा है।
कन्हैया कुमार का कॉन्ग्रेस ज्वाइन करना आश्चर्य व्यक्त करने वाली घटना नहीं है। वर्तमान भारतीय राजनीति के सेक्युलर दलों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम चल रहा है।
माना जा रहा है कि अमरिंदर सिंह को हटाना राहुल गाँधी का फैसला था। ऐसे में चन्नी का सीएम बनना कॉन्ग्रेस की मुश्किलों का निपटारा नहीं, पंजाब में राहुल के नेतृत्व की परीक्षा है।