"लोगों को नियंत्रण रेखा और उस क्षेत्र के बारे में कोई समझ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की थी। यह सब सिर्फ एक विशेष समुदाय के प्रति विरोध पैदा करने के लिए किया गया था।"
शरद पवार ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि कार्यकर्ता जनता से घर जाकर मिलें और पार्टी का प्रचार शुरू कर दें। उन्होंने कहा ऐसा करने से मतदाता उनसे ये नहीं पूछेंगे कि विधानसभा चुनाव के दौरान आपको हमारी याद क्यों आई।
30 मई को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित हुए शपथ-ग्रहण समारोह में NCP नेता शरद पवार इस नाराजगी के चलते शामिल नहीं हुए थे क्योंकि उन्हें लगा था कि समारोह में उन्हें पाँचवीं पंक्ति में सीट दी गई है। जबकि उनकी सीट V-सेक्शन मतलब VVIP सेक्शन में थी।
शरद पवार और उनकी बेटी को लगता है कि ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा रही है वहीं उनके भतीजे अजित का कहना है कि यदि ईवीएम के सााथ छेड़खानी मुमकिन होती तो भाजपा 5 राज्यों में चुनाव नहीं हारती।
पवार ने सतारा में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं भी मशीन के बारे में चिंतित हूं। हैदराबाद एवं गुजरात में कुछ लोगों ने एक ईवीएम मेरे सामने रखी और मुझसे एक बटन दबाने को कहा।’’
"पवार जानते हैं कि उनकी बेटी लोकसभा चुनाव हार रही है, इसलिए वह काफी सधे रूप से कदम उठा रहे हैं। वह EVM पर हार की जिम्मेदारी थोपने की तैयारी कर रहे हैं। चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी शंकाओं का निवारण करना चाहिए।"
"प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी भी एक मुख्यमंत्री ही थे। ये तीनों भी मुख्यमंत्री हैं या रह चुके हैं। मायावती या चंद्रबाबू नायडू या ममता बनर्जी देश के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त कैंडिडेट हैं।"