Homeराजनीति'मेरी बेटी हारी तो लोगों का लोकतंत्र से विश्वास उठ जाएगा'

‘मेरी बेटी हारी तो लोगों का लोकतंत्र से विश्वास उठ जाएगा’

"जिन राजनेताओं ने कभी विधानसभा या लोकसभा का चुनाव भी नहीं लड़ा, वो कह रहे हैं कि बारामती से NCP की उम्मीदवार हार जाएगी। इस बात से आशंका पैदा हो रही है।"

लोकसभा चुनावों के बीच नतीजों को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी देखने को मिल रही है। अभी तक EVM हैक होने जैसी चर्चा का ही बोलबाला था, लेकिन शारद पवार के बयान ने इस चर्चा को नई दिशा दे दी है। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार का कहना है कि यदि उनकी बेटी सुप्रिया सुले बारामती से लोकसभा का चुनाव हार जाती हैं, तो लोगों का लोकतंत्र से भरोसा उठ जाएगा। शरद पवार के इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर निंदा की जा रही है।

एक टेलीविजन चैनल को दिए इंटरव्यू में शरद पवार ने बुधवार (मई 02, 2019) को कहा कि EVM से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसका लोकसभा चुनाव के परिणाम पर भी असर पड़ सकता है। पवार ने कहा है कि जिन राजनेताओं ने कभी विधानसभा या लोकसभा का चुनाव भी नहीं लड़ा, वो कह रहे हैं कि बारामती से NCP की उम्मीदवार हार जाएगी। इस बात से आशंका पैदा हो रही है।

एक सप्ताह पहले ही पवार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ मंच साझा करते हुए माँग की थी कि VVPAT की कम से कम 50 प्रतिशत पर्चियों की गिनती की जाए। लेकिन ‘बेटी की हार’ और ‘लोकतंत्र से विश्वास का उठना’ जैसे आरोप पर भाजपा के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन, विनोद तावड़े और चंद्रकांत पाटिल ने कड़ी आपत्ति जताई।

महाजन ने कहा, “पवार जानते हैं कि उनकी बेटी लोकसभा चुनाव हार रही है, इसलिए वह काफी सधे रूप से कदम उठा रहे हैं। वह EVM पर हार की जिम्मेदारी थोपने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सभी शंकाओं का निवारण करना चाहिए। यदि हम EVM में छेड़छाड़ करने में सक्षम होते तो हम मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नहीं हारते।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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