ऐसे समय में जब लोग अपनी ग़लती को सुधारने के लिए तैयार हैं और आगे की तरफ बढ़ रहे हैं, इस तरह की फ़िल्में जातिगत पहचान के पुराने ढकोसले को अपने गले से नीचे उतारने का एक बेशर्म प्रयास है, जिसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है।
बसपा सुप्रीमो का कहना है कि उनका रिश्ता सिर्फ़ राजनैतिक नहीं था, ये आगे भी इसी तरह का रहेगा। लेकिन, इन अच्छे संबंधों के बावजूद वो लोकसभा चुनावों में आए नतीजों को भूल नहीं सकती हैं। इसी वजह से उन्हें अपने फैसले पर दोबारा सोचना पड़ा।
लोकसभा चुनाव में न केवल जातीय गणित फेल हुआ है, बल्कि वंशवादी राजनीति को भी भारी झटका लगा है। राजनीतिक परिवार से आने वाले अधिकांश उम्मीदवारों को इस बार हार का सामना करना पड़ा है।
बसपा से गठबंधन होने के बाद सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपनी नाराज़गी जाहिर की थी। उनका कहना था कि उनके बेटे अखिलेश ने उनसे बिना पूछे ये कदम उठाया।
उत्तर प्रदेश के प्यूव मुख्यमंत्री ने पकौड़ों पर अध्ययन करने के बाद कुछ नई चीजें पता लगाई हैं, जिन्हें आपको भी जानना चाहिए। उन्होंने पकौड़े, रिफाइन ऑइल और सरसो तेल को लेकर कुछ ख़ुलासे किए हैं।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि पीएम की भाषा बदल गई है क्योंकि पिछले चरणों में जो भी चुनाव हुए हैं उनमें बीजेपी को एहसास हो गया है कि वो पिछड़ रही है। वे विकास, किसानों की आय के बारे बात नहीं कर रहे हैं। पीएम सिर्फ़ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं।
दरअसल, आजकल सोशल मीडिया पर बराक ओबामा का एक पोस्ट वायरल हो रहा है। लोग इस पोस्ट को शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को ढेरों बधाइयाँ भी दे रहे हैं।
अखिलेश यादव की तस्वीर उनकी मैनपुरी में हुई रैली से वायरल हुई है। इस रैली में वहाँ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल थी। जहाँ से इन नेताओं को भाषण देना था, वहीं पर दो एसी एक के ऊपर एक लगाए गए थे।