"किसी भी प्रकार की सब्सिडी थोपी नहीं जाएगी। कई सारी ऐसी महिलाएँ हैं जो इन यात्रा माध्यमों का प्रयोग कर सकती हैं। जो सक्षम हैं, वे टिकट ख़रीद कर यात्रा कर सकती हैं, उन्हें सब्सिडी की ज़रूरत नहीं है।"
आज सुबह ही अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने की सूचना मिलते ही सोशल मीडिया यूज़र्स ने अरविन्द केजरीवाल के 21 दिन पुराने उस ट्वीट को ढूँढ निकाला और अमित शाह की जगह एक बार फिर सारी अटेंशन अरविन्द केजरीवाल ले गए।
सोशल मीडिया पर अचानक से जेसीबी की खुदाई ट्रेंड करता देख अरविन्द केजरीवाल के रोंगटे खड़े हो गए। जैसे ही उन्होंने सबसे हैंडसम व्यक्ति मनीष सिसोदिया से इस पूरे जेसीबी मामले की जानकारी माँगी, उन्हें पता चला कि मनीष सिसोदिया भी खुद निकटस्थ जेसीबी की खुदाई देखने निकल चुके हैं।
केजरीवाल ने आने वाले विधानसभा चुनावों के बारे में कार्यकर्ताओं से कहा, "मायूस होने की आवश्यकता नहीं है, जनता दिल्ली सरकार की तारीफ़ कर रही है। अपना कॉलर ऊपर करो और कहो कि बड़े चुनाव में जो किया सो किया, अब छोटा चुनाव आ रहा है आप को वोट करे।"
गोपाल राय ने कहा कि हमें ईवीएम पर किसी भी तरह का संदेह नहीं है। हम दिल्ली लोकसभा चुनाव पर मंथन कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और जीतेगी।
तमाम EVM हैकिंग से लेकर डर के माहौल के बीच अन्य कई प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के अरमानों का शीघ्रपतन देखने को मिला है। इस प्रकार बड़े ही दुःख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि देश ने एकसाथ आज लगभग 22 प्रधानमंत्री खो दिए हैं।
कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और मुस्लिम नेता हारुन यूसुफ ने कहा कि केजरीवाल अपना खौफ छुपाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं। हालाँकि उनकी ये बात सही है कि मुस्लिम वोटर्स ने भारी तादाद में कॉन्ग्रेस को वोट किया, क्योंकि केजरीवाल ने सिवाय झूठ बोलने के और कोई काम ही नहीं किया।
दिल्ली के बाद अब अरविन्द केजरीवाल की पैनी निगाहें पंजाब में लोकसभा चुनाव पर हैं और वहाँ के लिए प्रचार कर रहे है। इसी दौरान अरविंद केजरीवाल ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए बेहद मार्मिक बातें सामने रखी हैं।
केजरीवाल ने कहा कि मतदान के एक दिन पहले वो ये पता लगाने की कोशिश में लगे थे कि आखिर हुआ क्या है और फिर उन्हें पता चला कि पूरा का पूरा मुस्लिम वोट कॉन्ग्रेस को शिफ्ट हो गया जो कि 12 से 13 फीसदी हैं।