“बाबर एक विदेशी एक आक्रांता (हमलावर) था। हम सरकार को इसकी अनुमति नहीं देने के लिए संपर्क करेंगे। भारत में बहुत सारे अच्छे मुस्लिम हैं। देश की शांति और विकास में उनका काफी योगदान रहा है। इनमें वीर अब्दुल हमीद , अशफाकउल्ला खान और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आता है।। नई मस्जिद का नाम उनमें से किसी के नाम पर रखा जाना चाहिए।”
"अगर सरकार जमीन देना चाहती है तो हमें हमारी सुविधा के हिसाब से मिलनी चाहिए। आवंटित जमीन 67 एकड़ जमीन में से ही होनी चाहिए। तभी हम यह जमीन लेंगे। नहीं तो हम जमीन लेने की पेशकश को ठुकरा देंगे।"
बाबर के आक्रमण से वर्षों पहले भी अयोध्या एक तीर्थस्थल था और वहाँ पूजा-पाठ होते थे। यह कैसे साबित हुआ? यह साबित हुआ सिखों के पवित्र साहित्य 'जन्म साखी' से। मतलब जन्मभूमि से भारत के लोगों की भावनाएँ जुड़ी थीं, सिर्फ़ हिन्दुओं की नहीं।
AIMIM नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर अपनी इसी आदत के चलते मुसीबत में फँस गए हैं। उनके खिलाफ भोपाल के जहाँगीराबाद पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया है।
विधि मंत्रालय और अटॉर्नी जनरल से राय लेने के बाद मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अधिकारियों की एक टीम को फैसले का विस्तृत अध्ययन करने की ज़िम्मेदारी दी गई है ताकि ट्रस्ट के गठन में किसी दिशा-निर्देश की अनदेखी न हो।
सरयू नदी के किनारे भगवान राम की 151 मीटर ऊँची प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
10 हजार लोगों के रहने की क्षमता वाला रैन बसेरा बनाया जाएगा। अयोध्या से फैजाबाद को जोड़ने के लिए 5 किमी लंबा फ्लाईओवर बनेगा। अयोध्या में मेडिकल कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव है।
"पूरा भारत, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिमों ने खुले दिल से निर्णय को स्वीकार किया। लेकिन ओवैसी एक अलग ही राग अलाप रहे हैं। वह फैसले को खैरात कह रहे हैं। इस तरह के बयानों से आप हिंदू और मुस्लिमों को एक-दूसरे से लड़वाते हैं।"
राम मंदिर, तीन तलाक और अनुच्छेद 370... देश की सत्ता में 60 वर्ष से अधिक समय तक रहने वाले राजनैतिक दल स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते इन समस्याओं को सुलझाने के बजाय उलझाकर राजनीति की रोटियाँ सेंकते रहे। भाजपा नीत मोदी की सरकार ने...
रामजन्मभूमि से करीब 4 किलोमीटर दूरी पर स्थित सहनवा को अयोध्या नगर निगम में शामिल करने के लिए 2017 में ही प्रस्ताव भेजा जा चुका है। अब सहनवा समेत 40 गाँवों को अयोध्या नगर निगम में शामिल होने की मंजूरी मिल सकती है।
आरोपित को उसी जगह से गिरफ़्तार किया गया था, जहाँ से उसने घाट को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। उत्तराखंड पुलिस ने कहा है कि जाँच जारी है। धमकी भरे कॉल के बाद, इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।