ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने समुदाय विशेष से कहा कि वे ₹2 लाख दे दें तो मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को सूचना मिली कि अंत में ₹60,000 पर सब तय हुआ। पत्रकारों को पहले ही कह दिया गया था कि वो वीडियो कहीं नहीं भेजें।
प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि मंदिर में मांस फेंकने वालों की पुलिस तलाश कर उन्हें गिरफ्तार करे। लेकिन अपराधियों की पहचान करने के बजाए पुलिस ने लोगों को वहाँ से हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी अपनी माँग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और...